महाराष्ट्र
14 घंटे पहले
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आईआईटी पवई कैंपस में गैस रिसाव से हड़कंप
मुंबई के पवई इलाके में स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आईआईटी के परिसर में एक दुखद घटना सामने आई है। यहाँ स्थित हॉस्टल नंबर-6 में गैस सिलेंडर की पाइप में हुए लीकेज के चलते अचानक आग भड़क उठी। इस हादसे में कुल पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया और सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि चार घायलों को बेहतर उपचार के लिए कस्तूरबा अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि एक घायल का उपचार राजावाड़ी अस्पताल में ही जारी है। फिलहाल, सभी घायलों की स्थिति स्थिर बनी हुई है।
हादसे का समय और प्रशासन की कार्रवाई
इस हादसे की सूचना प्रशासन को 8 अक्टूबर की रात करीब 10:24 बजे प्राप्त हुई थी। राजावाड़ी अस्पताल की ओर से जैसे ही घटना की जानकारी दी गई, पुलिस और बीएमसी के वार्ड स्टाफ की टीमें तुरंत हरकत में आईं और आईआईटी पवई कैंपस के हॉस्टल नंबर-6 पहुंच गईं। शुरुआती जांच और मौके के हालात से पता चला है कि यह पूरा हादसा गैस सिलेंडर की पाइप में हुए रिसाव की वजह से हुआ। गैस के रिसाव के कारण अचानक फ्लेयर-अप हुआ, जिसकी चपेट में आकर वहां मौजूद पांच लोग बुरी तरह घायल हो गए।
घायलों का ब्योरा और इलाज की स्थिति
इस दुर्घटना में घायल हुए लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। राजावाड़ी अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर के अनुसार, हादसे में शिकार हुए पांचों लोगों की हालत अब स्थिर है। घायलों की पहचान और उनके अस्पताल के विवरण इस प्रकार हैं:
- 12 वर्षीय अंश अहिरवार और 9 वर्षीय तहजीब आलम घायल हुए हैं। इन दोनों बच्चों को बेहतर इलाज के लिए कस्तूरबा अस्पताल भेज दिया गया है।
- 34 वर्षीय शिवकुमार सिंह और 23 वर्षीय अनिलकुमार यादव भी इस हादसे में झुलस गए हैं, उन्हें भी कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- 37 वर्षीय ईश्वर सिंह अभी राजावाड़ी अस्पताल में ही उपचाराधीन हैं। उनकी हालत भी नियंत्रण में है और डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।
मुलुंड ईस्ट में भी गैस सिलेंडर फटने से आग
आईआईटी कैंपस की इस घटना के अतिरिक्त, मुंबई के मुलुंड ईस्ट स्थित टाटा कॉलोनी से भी एक और भीषण आग की खबर सामने आई है। यहां गुरुवार को एक लेबर कैंप में अचानक आग लग गई। यह कैंप धारावी से विस्थापित परिवारों के लिए बनाए गए एक पुनर्वास प्रोजेक्ट के परिसर में G+1 ढांचे में स्थित था। आग इतनी भयावह थी कि कैंप में रह रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे। आग लगने के दौरान मौके पर मौजूद 7 गैस सिलेंडर एक के बाद एक फट गए, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई। प्रशासन फिलहाल दोनों ही घटनाओं की गहन जांच कर रहा है।
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