मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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मंडला में बंदरों का कहर और एक की मौत
मध्य प्रदेश के मंडला जिले के अंतर्गत आने वाले नारायणगंज में बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब इसने एक व्यक्ति की जान ले ली है। बंदरों के एक झुंड द्वारा किए गए हमले से बचने के दौरान हुई एक दुर्घटना में 45 वर्षीय छोटेलाल सोनी उर्फ चीनी सोनी की मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है और स्थानीय निवासियों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
क्या थी पूरी घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हृदय विदारक वाकया शनिवार सुबह करीब 8 बजे घटित हुआ। छोटेलाल सोनी अपने घर की छत पर मौजूद थे, तभी अचानक वहां बंदरों के एक आक्रामक झुंड ने उन्हें घेर लिया। बंदरों के हमले से बचने के लिए उन्होंने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे सीधे छत से नीचे आ गिरे। इस गिरने की वजह से उनके सिर में गंभीर चोटें आईं, जिससे वे लहूलुहान हो गए।
इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ा
परिजन तुरंत उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणगंज पहुंचे, जहां प्राथमिक चिकित्सा दी गई। चिकित्सकों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद छोटेलाल सोनी की जान नहीं बच सकी और शनिवार देर रात उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
नारायणगंज में रहा पूरी तरह सन्नाटा
इस घटना की खबर जैसे ही इलाके में फैली, स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए रविवार को पूरे नारायणगंज को बंद रखा गया। इस दौरान बस स्टैंड से लेकर मुख्य बाजारों तक सभी दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रहे, जिससे पूरे नगर में सन्नाटा पसरा रहा। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद दोपहर करीब 3 बजे ही बाजार की गतिविधियां सुचारू रूप से शुरू हो सकीं।
लगातार बना हुआ है बंदरों का भय
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नारायणगंज में बंदरों का उत्पात काफी समय से जारी है। आए दिन बंदरों के हमलों में लोग घायल हो रहे हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में भारी दहशत है। लोग अब घरों से बाहर निकलने या छतों पर जाने से भी डरने लगे हैं। निवासियों के अनुसार, यह समस्या अब जानलेवा स्तर पर पहुंच चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के लोगों ने अब वन विभाग और जिला प्रशासन से इस समस्या का तुरंत स्थायी समाधान निकालने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन ने बंदरों को पकड़कर आबादी से दूर किसी सुरक्षित जंगल या क्षेत्र में स्थानांतरित करने की पहल नहीं की, तो भविष्य में ऐसी और भी घटनाएं हो सकती हैं। लोग अब इस मामले में त्वरित प्रशासनिक हस्तक्षेप का इंतजार कर रहे हैं ताकि उनकी जान सुरक्षित रह सके।
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