लखनऊ: खेलते-खेलते पानी से भरे बेसमेंट में गिरी 3 साल की मासूम, डूबने से दर्दनाक मौत उत्तर प्रदेश 19 घंटे पहले 11
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बीकेटी इलाके में एक दुखद घटना में 3 साल की नंदिनी की बेसमेंट में डूबकर जान चली गई। खेलते समय बच्ची अचानक गहरे पानी में गिर गई थी जिससे उसकी मौत हो गई।

खेलते हुए हुआ बड़ा हादसा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ बीकेटी क्षेत्र में महज 3 साल की एक मासूम बच्ची की जान चली गई। मासूम नंदिनी की मौत बारिश के पानी से लबालब भरे एक बेसमेंट में गिरने के कारण हुई है। घटना महिंगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत बांके नगर चौराहे के नजदीक घटी है। बच्ची के साथ हुआ यह हादसा इतना अचानक था कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और खेल-खेल में परिवार की खुशियां उजड़ गईं।

कौन थी नंदिनी और क्या था पूरा मामला

मृतका की पहचान 3 साल की नंदिनी के रूप में हुई है, जिसके पिता का नाम देवभान यादव बताया जा रहा है। यह परिवार मूल रूप से सीतापुर का रहने वाला है और रोजी-रोटी की तलाश में लखनऊ के बीकेटी इलाके में आया हुआ था। यहाँ वे मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, घटना के समय नंदिनी अपने साथियों के साथ बेसमेंट के ऊपरी हिस्से पर खेल रही थी। खेलते-खेलते वह अनियंत्रित होकर सीधे नीचे पानी से भरे बेसमेंट में जा गिरी।

पानी में डूबने से गई जान

जिस बेसमेंट में बच्ची गिरी, वहां भारी बारिश के चलते काफी पानी जमा हो गया था। बेसमेंट की गहराई और पानी के अत्यधिक स्तर के कारण मासूम खुद को संभाल नहीं पाई और डूबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जब आसपास के लोगों को इस घटना का पता चला, तो वे तुरंत मौके पर दौड़े और बच्ची को पानी से बाहर निकाला। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्ची की सांसें थम चुकी थीं, और उसे बचाने के सारे प्रयास विफल साबित हुए।

परिवार में छाया मातम और स्थानीय लोगों में आक्रोश

अपनी लाडली को खोने के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्ची की मौत की खबर सुनते ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया। घटना के बाद से ही इलाके के स्थानीय निवासियों में काफी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि जिस जगह पर इतना पानी जमा था, वहां किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी। बेसमेंट के आसपास बैरिकेडिंग या बच्चों को रोकने का कोई इंतजाम न होना सीधे तौर पर लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि प्रशासन और संबंधित जिम्मेदार लोगों को खुले बेसमेंट और जलभराव वाली जगहों के प्रति पहले से सख्त सुरक्षा निर्देश जारी करने चाहिए थे ताकि ऐसी अनहोनी को रोका जा सके।

पुलिस कार्रवाई और परिजनों का फैसला

इस दुखद मामले को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी यह भी सामने आई है कि परिजनों ने बच्ची का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। परिवार ने किसी भी कानूनी पेचीदगी में न पड़ते हुए बच्ची के शव को बिना पोस्टमार्टम करवाए ही अपने पैतृक स्थान सीतापुर ले जाने का निर्णय लिया। इस मामले की सूचना भी पुलिस को नहीं दी गई, जिसके चलते हादसे के बाद आधिकारिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। फिलहाल, इस घटना ने एक बार फिर खुले बेसमेंट और निर्माण कार्यों के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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