लखनऊ में अफजाल अंसारी की पत्नी की सील कोठी से लाखों के गहने गायब, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल उत्तर प्रदेश 15 घंटे पहले 3
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गैंगस्टर एक्ट के तहत सील की गई अफजाल अंसारी की पत्नी की कोठी से लाखों के कीमती जेवर और सामान चोरी होने का मामला सामने आया है। कोठी को नगर निगम की निगरानी में रखा गया था, जिसके कारण अब प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।

सील खुलने पर सामने आई कोठी की बदहाली

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बेहद पॉश इलाके डालीबाग में स्थित गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी की कोठी को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत पुलिस और प्रशासन द्वारा लंबे समय से सील की गई इस कोठी को जब अदालती आदेश के बाद खोला गया, तो अंदर का दृश्य देख वहां मौजूद हर व्यक्ति सन्न रह गया। घर के भीतर रखी अलमारियों और दराजों के ताले टूटे हुए थे और उनमें संजोकर रखे गए लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर और कीमती सामान नदारद थे।

प्रशासन की कस्टडी पर उठे गंभीर सवाल

यह घटना सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करती है। गौरतलब है कि लगभग चार साल पहले गाजीपुर और लखनऊ के प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत इस संपत्ति को सील किया था। उस समय नियम के मुताबिक, इस पूरी कोठी की सुरक्षा और देखरेख की जिम्मेदारी लखनऊ नगर निगम आयुक्त की निगरानी में सौंपी गई थी। अब जबकि कोठी के भीतर चोरी की पुष्टि हुई है, तो सवाल उठता है कि प्रशासन की कस्टडी में रहने के बावजूद यहां चोरी कैसे हुई? क्या सुरक्षा के नाम पर तैनात तंत्र पूरी तरह विफल रहा?

परिवार को मिली चाबियां और दिखा बिखरा सामान

बीते सोमवार को जब नगर निगम के अधिकारी कोठी की सील खोलने के लिए पहुंचे, तो वहां एक औपचारिक प्रक्रिया के तहत चाबियां अफजाल अंसारी के परिवार को सौंपी गईं। कोठी का मुख्य द्वार खुलते ही अफजाल अंसारी और उनके परिजन जब भीतर गए, तो वहां सब कुछ अस्त-व्यस्त मिला। अफजाल अंसारी ने बताया कि अंदर जाने पर पता चला कि घर की अलमारियों को तोड़ दिया गया है। इन अलमारियों में उनकी बेटी की शादी के लिए विशेष तौर पर रखे गए सोने और चांदी के कीमती आभूषण, नकदी और अन्य बहुमूल्य सामग्रियां गायब थीं।

पहले भी हुई थी चोरी की आशंका

सांसद अफजाल अंसारी ने इस मामले में प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोठी को जब चार साल पहले सील किया गया था, उसके कुछ ही समय बाद वहां चोरी होने की सूचना मिली थी। उस दौरान भी परिवार की तरफ से पुलिस और प्रशासनिक आला अधिकारियों को मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया गया था। अफजाल अंसारी का आरोप है कि इतनी बड़ी जानकारी होने के बावजूद प्रशासन ने कोठी की सुरक्षा के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए, जिसका नतीजा आज कोठी के भीतर हुए इस बड़े नुकसान के रूप में सामने आया है।

कानूनी कार्रवाई और एफआईआर पर नजरें

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब हजरतगंज थाने में तहरीर दिए जाने की तैयारी है। अफजाल अंसारी और उनके वकील गायब हुए सामान की एक विस्तृत सूची तैयार कर रहे हैं। कानूनी जानकारों का मानना है कि सील बंद संपत्ति से चोरी होना एक गंभीर संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि क्या पुलिस इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज करेगी या फिर नगर निगम की ओर से किसी आंतरिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा। क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर मुख्तार अंसारी के परिवार से जुड़ा है, इसलिए हर किसी की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। फिलहाल, डालीबाग इलाके में हुई इस चोरी ने पुलिस गश्त और नगर निगम की निगरानी प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस चूक के लिए किसे उत्तरदायी ठहराते हैं और क्या पीड़ित परिवार को उनका सामान वापस मिल पाता है या नहीं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप