SBI की वैश्विक उपलब्धि: चीन, अमेरिका और यूरोप के दिग्गजों को पीछे छोड़ बना दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बैंक व्यापार 4 घंटे पहले 3
भारतीय स्टेट बैंक को ग्लोबल फाइनेंस पत्रिका ने लगातार दूसरे वर्ष 'विश्व का सर्वश्रेष्ठ उपभोक्ता बैंक 2026' चुना है, जो डिजिटल इनोवेशन और ग्राहक सेवा में उसकी मजबूती को दर्शाता है।

ग्लोबल फाइनेंस से मिला बड़ा सम्मान

भारत के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है। ग्लोबल फाइनेंस पत्रिका ने एसबीआई को लगातार दूसरे साल 'विश्व का सर्वश्रेष्ठ उपभोक्ता बैंक 2026' के खिताब से नवाजा है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि एसबीआई ने चीन, अमेरिका और यूरोप के बड़े और स्थापित बैंकों को पछाड़कर यह मुकाम हासिल किया है। बैंक को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित एक समारोह के दौरान मिला, जो अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की वार्षिक बैठक के साथ आयोजित किया गया था।

डिजिटल बदलाव और ग्राहक सेवा की जीत

इस सम्मान को बैंक की डिजिटल क्षेत्र में क्रांति और ग्राहकों के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता का परिणाम माना जा रहा है। पुरस्कार प्राप्ति के बाद एसबीआई के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने कहा कि बैंक के भीतर जो निरंतर बदलाव किए जा रहे हैं, उनका मुख्य केंद्र बिंदु आम आदमी को भरोसेमंद डिजिटल सेवाएं मुहैया कराना है। उन्होंने जोर दिया कि बैंक ने अपनी डिजिटल क्षमताओं को इतना मजबूत कर लिया है कि अब वह अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाकर उन्हें तेज और सटीक बैंकिंग अनुभव देने में सक्षम है। बैंक के कर्मचारी यह सुनिश्चित करने के लिए समर्पित हैं कि हर बैंकिंग सेवा ग्राहक की व्यक्तिगत जरूरतों के मुताबिक और सुलभ बनी रहे।

योनो प्लेटफॉर्म का बढ़ता दबदबा

डिजिटल बैंकिंग के मोर्चे पर एसबीआई का योनो ऐप एक गेम-चेंजर साबित हुआ है। इस प्लेटफॉर्म ने लोकप्रियता के नए आयाम छुए हैं और इसके पंजीकृत उपयोगकर्ताओं की संख्या 10 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। बैंक ने अपनी सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का समावेश किया है, जिससे ग्राहकों को उनकी निजी जरूरतों के अनुसार बैंकिंग सुविधाएं मिल रही हैं। इसके अलावा, भौतिक उपस्थिति के मामले में भी बैंक ने आक्रामकता दिखाई है और पूरे भारत में 300 से अधिक नई शाखाएं खोली हैं। बैंक की ओर से दी जाने वाली डोर-स्टेप बैंकिंग सेवाओं ने भी ग्राहकों की शाखाओं पर निर्भरता को काफी हद तक कम कर दिया है।

एसबीआई का विशाल नेटवर्क और बाजार में हिस्सेदारी

भारतीय बैंकिंग प्रणाली में एसबीआई की पकड़ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि देश के कुल बैंकिंग सेक्टर में इसकी हिस्सेदारी लगभग 40 फीसदी है। वर्तमान में बैंक के पास 50 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं, जिन्हें मैनेज करना अपने आप में एक बहुत बड़ी चुनौती है, जिसे बैंक बखूबी निभा रहा है। ऋण यानी लोन के बाजार में भी बैंक का दबदबा कायम है, जहां इसकी हिस्सेदारी 30 फीसदी से अधिक है। बैंक की वित्तीय मजबूती का प्रमाण उसकी विशाल संपत्ति है, जो करीब 61 लाख करोड़ रुपये बताई जाती है, जबकि कुछ स्वतंत्र रिपोर्टों में यह आंकड़ा 80 लाख करोड़ रुपये के आसपास होने का दावा किया गया है। इतने बड़े ग्राहक आधार और विशाल संपत्ति के प्रबंधन के साथ वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ बैंक का खिताब जीतना, भारतीय बैंकिंग प्रणाली की वैश्विक क्षमता का प्रमाण है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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