जियो प्लेटफॉर्म आईपीओ: निवेश की 4 अलग-अलग कैटेगरी, समझें किसमें शेयर मिलने की संभावना सबसे ज्यादा व्यापार 2 घंटे पहले 5
जियो प्लेटफॉर्म के आईपीओ में निवेशकों के लिए चार अलग-अलग कैटेगरी तय की गई हैं। अपनी पात्रता के अनुसार सही विकल्प चुनकर आप शेयर अलॉटमेंट की अपनी संभावनाओं को काफी हद तक बढ़ा सकते हैं।

आईपीओ में दांव लगाने का आखिरी मौका

जियो प्लेटफॉर्म का आईपीओ इस समय शेयर बाजार में निवेशकों के बीच चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। आईपीओ के प्रति लोगों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लॉन्च होने के पहले ही दिन इसे 3 गुना अधिक सब्सक्राइब किया गया। यदि आप भी इस आईपीओ में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो ध्यान रखें कि इसमें पैसे लगाने की आखिरी तारीख 23 अक्टूबर यानी शुक्रवार है। कंपनी ने पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए इसे 4 अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आप अपनी पात्रता के अनुसार सही कैटेगरी चुनते हैं, तो आपको शेयर आवंटित होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

निवेशकों की श्रेणियां और उनकी योग्यता

जियो प्लेटफॉर्म ने निवेशकों की सुविधा के लिए चार विशेष कैटेगरी बनाई हैं। इन कैटेगरी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि अलग-अलग वर्ग के निवेशकों को तरजीह मिल सके। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि निवेशकों को अपनी स्थिति और पात्रता के आधार पर ही श्रेणी का चयन करना चाहिए। इन चार श्रेणियों में रिटेल, गैर-संस्थागत निवेशक, रिलायंस शेयरहोल्डर्स और कर्मचारी कोटा शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, यदि निवेशक नियमों का पालन करते हुए सही कैटेगरी चुनते हैं, तो शेयरों का अलॉटमेंट मिलना कहीं ज्यादा आसान हो जाता है।

रिलायंस शेयरहोल्डर्स के लिए विशेष कोटा

इस आईपीओ में सबसे बड़ा हिस्सा शेयरहोल्डर्स के लिए सुरक्षित रखा गया है, जिसमें कुल 2,50 करोड़ रुपये के शेयर इस कैटेगरी के लिए रिजर्व हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए कंपनी ने एक डेडिकेटेड रूट उपलब्ध कराया है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए यह अनिवार्य है कि निवेशक के पास 14 अक्टूबर से पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर मौजूद रहे हों। कंपनी ने टी-1 सेटलमेंट साइकिल के तहत 13 अक्टूबर तक शेयर खरीदने की शर्त को स्पष्ट किया है। शेयरहोल्डर्स इस श्रेणी के अंतर्गत अधिकतम 2 लाख रुपये के शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि इस कैटेगरी में भी अलॉटमेंट की शत-प्रतिशत गारंटी नहीं होती, लेकिन सामान्य निवेशकों की तुलना में यहाँ शेयर मिलने की संभावना काफी अधिक रहती है।

कर्मचारियों के लिए निर्धारित कोटा

कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए भी एक विशेष कोटा तय किया है। इस एम्पलॉयी कोटे के तहत 500 करोड़ रुपये के शेयर आरक्षित किए गए हैं। इस श्रेणी में रिलायंस इंडस्ट्रीज, जियो प्लेटफॉर्म और जियो प्लेटफॉर्म की सहायक कंपनियों के कर्मचारी ही निवेश करने के पात्र हैं। रिलायंस समूह की अन्य कंपनियों के कर्मचारियों को इस कोटे में शामिल नहीं किया गया है। योग्य कर्मचारी अधिकतम 5 लाख रुपये तक का निवेश कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले कर्मचारियों को अपनी स्टेटस का सत्यापन करना होगा और निर्धारित फॉर्मेट में ही अपनी एप्लीकेशन जमा करनी होगी ताकि कोई तकनीकी त्रुटि न हो।

रिटेल कैटेगरी और इसकी बारीकियां

रिटेल कैटेगरी को इस आईपीओ का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है क्योंकि इसमें कोई भी आम निवेशक दांव लगा सकता है। यह एक ओपन कैटेगरी है। इसमें भी अधिकतम 2 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है। हालांकि यह श्रेणी सभी के लिए खुली है, लेकिन इसमें प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक रहती है। सामान्य रूट से आवंटन होने के कारण यहाँ शेयर मिलने की संभावना अन्य श्रेणियों की तुलना में कम होती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि कोई कर्मचारी या शेयरहोल्डर चाहे, तो वह अपनी विशेष कैटेगरी के अलावा रिटेल कैटेगरी में भी आवेदन कर सकता है।

गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए प्रावधान

जो निवेशक 2 लाख रुपये से अधिक की राशि निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए गैर-संस्थागत निवेशक श्रेणी बनाई गई है। यह उन लोगों के लिए है जो बड़ी पूंजी लगाना चाहते हैं। हालांकि, कंपनी के नियमों के अनुसार यदि कोई निवेशक रिटेल कैटेगरी में पहले ही दांव लगा चुका है, तो उसे गैर-संस्थागत कैटेगरी के जरिए फिर से निवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

क्या एक से अधिक कैटेगरी में कर सकते हैं निवेश?

जियो प्लेटफॉर्म ने निवेश को लेकर कुछ स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निवेशक एक से ज्यादा कैटेगरी में दांव लगा सकते हैं, बशर्ते वे उन श्रेणियों की योग्यता पूरी करते हों। उदाहरण के लिए, यदि आप रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरहोल्डर हैं, तो आप शेयरहोल्डर कैटेगरी के साथ-साथ रिटेल कैटेगरी में भी आवेदन कर सकते हैं। इसी तरह, कंपनी के कर्मचारी अपने कोटे के अतिरिक्त रिटेल श्रेणी में भी निवेश करने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, कंपनी ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि एक ही पैन नंबर का उपयोग करके कई आवेदन किए जाते हैं, तो उन सभी आवेदनों को रद्द किया जा सकता है। इसलिए निवेश करते समय सावधानी बरतनी बेहद जरूरी है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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