कोलकाता दुर्गा पूजा हादसा: पंडाल का हिस्सा गिरने से 5 लोगों की मौत, 35 घायल पश्चिम बंगाल एक घंटा पहले 4
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सप्तमी की शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जहां दुर्गा पूजा पंडाल का हिस्सा गिरने से 5 लोगों की जान चली गई और 35 से अधिक लोग जख्मी हो गए हैं।

दुर्गा पूजा के जश्न के बीच मातम

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा का उत्साह उस समय मातम में बदल गया जब एक दुखद हादसा सामने आया। सप्तमी की शाम को शहर के चोरबागान सार्वजनिक पूजा पंडाल का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे वहां हड़कंप मच गया। हादसे के तुरंत बाद इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिसके चलते एहतियात के तौर पर पूजा मंडप के प्रवेश द्वार को फिलहाल बंद कर दिया गया है। आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, इस हादसे में लगभग 35 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है।

घायलों के लिए अस्पताल और हेल्पलाइन

हादसे में घायल हुए लोगों को इलाज के लिए तुरंत कोलकाता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू किया। इस स्थिति को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने एक विशेष टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया है, ताकि प्रभावित परिवारों को जानकारी मिल सके। शुभेंदु अधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और उन्हें हर संभव चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।

बारिश और भीड़ के कारण बिगड़े हालात

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय कोलकाता के कई इलाकों में हल्की बारिश शुरू हो गई थी। बारिश से बचने की कोशिश में पंडाल में मौजूद दर्शकों के बीच अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और पंडाल का ढांचा ढह गया। एक चश्मदीद ने घटना को बयां करते हुए कहा कि अफरा-तफरी के माहौल में कई लोग बेहोश होकर गिर पड़े थे। वहां इतनी भीड़ थी कि घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए लोग मोटरसाइकिलों का सहारा लेने को मजबूर थे।

राहत और बचाव कार्य जारी

तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि घायलों को प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है और फिलहाल ध्यान सिर्फ लोगों की जान बचाने पर है। कुणाल घोष ने आगे कहा कि पंडाल के भीतर अभी भी राहत और बचाव कार्य की आवश्यकता है और पुलिस प्रशासन को अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने के लिए कहा गया है। हम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले हावड़ा में भी एक घर के गैराज में पटाखे बनाने के दौरान हुए विस्फोट में एक व्यक्ति घायल हो गया था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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