मध्य प्रदेश: मिट्टी के लालच में माफिया ने कब्रिस्तान पर चलाई जेसीबी, कब्रें धंसने से बाहर आए शव मध्य प्रदेश 4 महीने पहले 123
खरगोन जिले के बासवा गांव में अवैध खनन माफिया ने मिट्टी निकालने के लिए कब्रिस्तान को खोद डाला है, जिससे कई कब्रें नष्ट हो गई हैं और इंसानी अवशेष बाहर आ गए हैं।

कब्रिस्तान में अवैध खनन से मचा हड़कंप

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के सनावद तहसील के बासवा गांव से एक बेहद चौंकाने वाला और संवेदनहीन मामला सामने आया है। यहां सक्रिय खनन माफिया ने कमाई के चक्कर में इंसानियत की सभी हदें पार कर दी हैं। मिट्टी निकालने के लालच में माफिया ने कब्रिस्तान की जमीन को ही निशाना बना लिया और वहां बेखौफ होकर जेसीबी मशीनें चला दीं।

कब्रों का नामोनिशान मिट रहा है

इस अंधाधुंध अवैध खुदाई के कारण कब्रिस्तान की कई पुरानी और नई कब्रें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। मिट्टी का कटाव इतना अधिक है कि कई कब्रें जमीन में धंस गई हैं, वहीं कुछ हवा में लटकती नजर आ रही हैं। सबसे दुखद स्थिति यह है कि खुदाई के चलते कई कब्रों के भीतर से शवों के अवशेष और कंकाल बाहर दिखाई देने लगे हैं, जिसे देखकर स्थानीय ग्रामीण बेहद आक्रोशित हैं।

ग्रामीणों का आरोप और प्रशासन की चुप्पी

ग्रामीण रामू मोरी और कल्याणसिंह गौड़ ने बताया कि लंबे समय से माफिया रात-दिन यहां से मिट्टी चोरी कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार:

  • माफिया पहले नदी किनारे मिट्टी चोरी करते थे, लेकिन अब वे सीधे कब्रिस्तान खोद रहे हैं।
  • प्रशासनिक ढिलाई के कारण माफिया के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि उन्हें शवों की भी परवाह नहीं है।
  • इस मामले की शिकायत पहले भी सनावद तहसीलदार और ग्राम पंचायत से की गई थी, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।

सरपंच का क्या है कहना?

बासवा गांव के सरपंच बसंत पिंडारे ने बताया कि हाल ही में जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया था और अवैध खननकर्ताओं को नोटिस भी जारी किए गए हैं। हालांकि, जमीन पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो ताकि पूर्वजों की कब्रों को और अधिक अपमानित होने से बचाया जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप