हिमाचल प्रदेश में दामाद की संपत्ति पर ससुराल वालों का डाका, गुजरात पुलिस के नाम पर रचा था झूठ का जाल
हिमाचल प्रदेश
एक घंटा पहले
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ससुराल वालों की साज़िश और चौंकाने वाला खुलासा
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक व्यक्ति ने अपने ससुराल वालों पर अपनी मेहनत की कमाई और बेशकीमती सामान हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता अविनाश, जो मूल रूप से मोवा गाँव का निवासी है, ने अपने ही ससुराल वालों के खिलाफ संपत्ति गबन करने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी। हैरान करने वाली बात यह है कि जब उनसे पूछताछ की गई, तो ससुराल पक्ष ने दावा किया कि उनके घर पर गुजरात पुलिस ने छापेमारी की थी और वे करीब ढाई करोड़ रुपये की नकदी व गहने जब्त करके अपने साथ ले गए हैं। हालांकि, पुलिस की गहन जांच में यह पूरी कहानी एक मनगढ़ंत साजिश साबित हुई।
क्या है पूरा मामला
शिकायतकर्ता अविनाश ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2013 से लेकर 2025 तक दुबई में सेल्स एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत था। इस लंबी अवधि के दौरान उसने जो भी नकदी जमा की और जो सोने-हीरे के आभूषण खरीदे, उन्हें वह अपने ससुराल में सुरक्षित रखता था। इसके अलावा, उसने अपने बैंक खातों से भी भारी मात्रा में नकदी निकालकर ससुराल में ही रखी थी। कुल मिलाकर यह संपत्ति करीब ढाई करोड़ रुपये के बराबर थी। अविनाश का आरोप है कि 10 मार्च 2026 को उसके ससुराल वालों ने उसकी जानकारी के बिना यह सारा धन, जेवरात, पासपोर्ट और जमीन के कानूनी दस्तावेज एक अज्ञात स्थान पर हटा दिए। जब उसने इस बारे में सवाल किया, तो उसे बताया गया कि कुछ अनजान लोग घर में आए थे और सामान लूटकर फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांगड़ा के पुलिस जिला देहरा में रक्कड़ थाने के अंतर्गत 29 जून 2026 को एफआईआर दर्ज की गई। एसपी संदीप धवल के नेतृत्व में मामले की तह तक जाने के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया, जिसकी कमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.पी. जसवाल और एसडीपीओ ज्वालामुखी को सौंपी गई। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर जब छानबीन शुरू की, तो ससुराल वालों के झूठ की परतें खुलने लगीं। पुलिस ने छापेमारी करके अब तक 90 लाख रुपये की नकदी, 1 किलो 324 ग्राम सोना, हीरे व चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। इसके साथ ही, पुलिस को 801 अमेरिकी डॉलर, पीड़ित और उसकी पत्नी के पासपोर्ट तथा जमीन के महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं। बरामद की गई कुल संपत्ति की कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
झूठ का पर्दाफाश और गिरफ्तारी
एसपी संदीप धवल ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि जांच के दौरान ससुराल वालों ने जो गुजरात पुलिस की रेड की कहानी सुनाई थी, वह पूरी तरह निराधार पाई गई। पुलिस ने संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर सच्चाई का पता लगाया, जिसमें किसी भी प्रकार की छापेमारी की पुष्टि नहीं हुई। इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से कुछ लोगों को विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर पकड़ा गया और उनकी निशानदेही पर खाली ब्रीफकेस व बैग भी बरामद हुए हैं। इसके अलावा, दो अन्य आरोपियों को डेराबस्सी से गिरफ्तार किया गया है। वर्तमान में कुछ आरोपी अंतरिम जमानत पर बाहर हैं, जिनसे पूछताछ का सिलसिला जारी है। पुलिस का कहना है कि अब तक कुल संपत्ति का करीब 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा रिकवर किया जा चुका है और बाकी की बरामदगी के लिए प्रयास जारी हैं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि यह पूरी संपत्ति वैध तरीके से अर्जित की गई थी या नहीं, इसके लिए शिकायतकर्ता के आयकर रिटर्न और खरीद संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है ताकि मामले का हर पहलू स्पष्ट हो सके।
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