आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स से बदलेगी इलाज की तस्वीर, आईआईटी जोधपुर ने विकसित कीं तीन नई तकनीकें राजस्थान 6 घंटे पहले 1
आईआईटी जोधपुर की मेडिकल एआई सिस्टम्स लैब में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स पर आधारित तीन तकनीकों पर काम चल रहा है, जिनसे सोनोग्राफी, फ्रैक्चर जांच और सर्जरी अभ्यास आसान हो जाएगा।

चिकित्सा के क्षेत्र में रोबोटिक्स और एआई का नया कदम

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर के शोधकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सटीक बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। संस्थान की मेडिकल एआई सिस्टम्स लैब में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के तालमेल से तीन तकनीकों पर गहन शोध किया जा रहा है। इन नवाचारों से न सिर्फ मरीजों की जांच प्रक्रिया बेहतर होगी, बल्कि डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों को भी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।

तीन प्रमुख शोध परियोजनाएं

शोध दल द्वारा जिन तकनीकों पर कार्य किया जा रहा है, वे मुख्य रूप से ये हैं:

  • रोबोटिक सोनोग्राफी सहायता: दिल की सोनोग्राफी के दौरान रोबोट की मदद से अल्ट्रासाउंड प्रोब को बिल्कुल सही जगह पर रखने में मदद मिलेगी।
  • पसलियों के फ्रैक्चर की पहचान: सीटी स्कैन के जरिए पसलियों में आए फ्रैक्चर को आसानी और सटीकता से पकड़ने के लिए एआई का इस्तेमाल हो रहा है।
  • कंप्यूटर पर सर्जरी का अभ्यास: मेडिकल विद्यार्थियों को कंप्यूटर के माध्यम से सर्जरी का बेहतर और व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए तकनीक विकसित की जा रही है।

जांच में तेजी और बेहतर प्रशिक्षण का लक्ष्य

इन महत्वपूर्ण शोध परियोजनाओं का नेतृत्व आईआईटी जोधपुर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपक मिश्रा कर रहे हैं। इन तकनीकों का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा जांच की सटीकता को बढ़ाना, मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने में लगने वाले समय को कम करना और छात्रों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करना है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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