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2 घंटे पहले
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दिल्ली के स्कूलों में शिक्षक भर्ती की नई तारीख जारी
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति पाने की राह देख रहे हजारों उम्मीदवारों के लिए संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC ने एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। लंबे समय से 1 नवंबर 2026 को होने वाली परीक्षा की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को अब थोड़ा और धैर्य रखने की आवश्यकता है। आयोग ने आधिकारिक तौर पर परीक्षा के कार्यक्रम में बदलाव करते हुए इसे आगामी वर्ष के लिए स्थगित कर दिया है। यह फैसला उन सभी उम्मीदवारों के लिए अत्यंत आवश्यक है जो अपनी तैयारी को अंतिम रूप दे रहे थे। अब उन्हें अपनी रणनीतियों को नई तारीख के अनुरूप ढालना होगा क्योंकि परीक्षा का आयोजन अब जनवरी 2027 में सुनिश्चित किया गया है।
क्यों बदली गई परीक्षा की तारीख?
संघ लोक सेवा आयोग ने 16 अक्टूबर 2026 को जारी अपने नवीनतम नोटिफिकेशन के माध्यम से इस बदलाव की पुष्टि की है। आयोग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक नोटिस में यह साफ कर दिया गया है कि दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के अंतर्गत होने वाली कंबाइंड रिक्रूटमेंट टेस्ट (CRT) अब निर्धारित तिथि यानी 1 नवंबर 2026 को संचालित नहीं की जाएगी। हालांकि, आयोग ने इस बदलाव के पीछे के विशिष्ट कारणों का उल्लेख नहीं किया है, लेकिन संशोधित कार्यक्रम के तहत अब यह भर्ती परीक्षा 9 जनवरी 2027 को आयोजित की जाएगी। इस बदलाव का सीधा अर्थ है कि उम्मीदवारों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है, जिसका उपयोग वे अपने पाठ्यक्रम के दोहराव के लिए कर सकते हैं।
परीक्षा का नया समय और सत्र
आयोग द्वारा साझा किए गए विस्तृत कार्यक्रम के मुताबिक, परीक्षा 9 जनवरी 2027 को सुबह के सत्र में आयोजित की जाएगी। उम्मीदवारों को यह विशेष रूप से ध्यान रखना होगा कि परीक्षा का समय सुबह 9:30 बजे से लेकर 11:30 बजे तक तय किया गया है। इसका अर्थ यह है कि प्रत्येक परीक्षार्थी को प्रश्नपत्र को हल करने के लिए कुल दो घंटे का समय प्रदान किया जाएगा। यूपीएससी ने इस परीक्षा के लिए 'फोरनून' यानी FN सत्र को निर्धारित किया है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे सुबह के समय के अनुसार ही अपनी परीक्षा की दिनचर्या को व्यवस्थित करें। परीक्षा केंद्र पर रिपोर्टिंग और समय प्रबंधन के लिए भी यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है।
कुल 828 पदों पर होगी भर्ती
इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में कुल 828 रिक्तियों को भरा जाएगा। इस भर्ती अभियान का दायरा काफी बड़ा है, जिसमें शिक्षा क्षेत्र के दो अहम पदों को सम्मिलित किया गया है। इन 828 पदों का वर्गीकरण इस प्रकार है: प्रिंसिपल के लिए 124 पद और वाइस प्रिंसिपल के लिए 704 पद निर्धारित हैं। वाइस प्रिंसिपल के रिक्त पदों की संख्या प्रिंसिपल के मुकाबले काफी अधिक है, जिससे बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को अवसर मिलने की संभावना है।
प्रिंसिपल पद के लिए श्रेणीवार रिक्तियां
दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल के 124 पदों पर भर्ती के लिए आरक्षित और अनारक्षित श्रेणियों का बंटवारा स्पष्ट कर दिया गया है। अनारक्षित या सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए कुल 69 पद सुरक्षित हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 11 पदों का प्रावधान किया गया है। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 18 रिक्तियां आरक्षित की गई हैं। अनुसूचित जाति (SC) के लिए 16 पद और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 10 पद निर्धारित किए गए हैं। सभी श्रेणियों के योग से यह कुल 124 की संख्या पूरी होती है।
वाइस प्रिंसिपल पद का वर्गीकरण
वाइस प्रिंसिपल के 704 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी इसी तर्ज पर पूर्ण की जाएगी। इस वर्ग में सामान्य श्रेणी के लिए 287 पद आवंटित किए गए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 71 पद दिए गए हैं। ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए कुल 189 पद उपलब्ध हैं। इसके अलावा, अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए 103 पद और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए 54 पद निर्धारित किए गए हैं। इस प्रकार कुल 704 रिक्तियां वाइस प्रिंसिपल के रूप में भरी जाएंगी, जो दिल्ली के शिक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
चयन प्रक्रिया का प्रारूप
UPSC द्वारा निर्धारित इस भर्ती में चयन एक बहु-चरणीय प्रक्रिया के माध्यम से होगा। सबसे पहले उम्मीदवारों की पात्रता की जांच होगी, जिसके बाद या तो शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी या सीधे भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। चूँकि आयोग ने पहले ही संयुक्त भर्ती परीक्षा की घोषणा कर दी है, इसलिए लिखित परीक्षा अनिवार्य है। परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को बाद में इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, दस्तावेज सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) एक अनिवार्य प्रक्रिया होगी, जहाँ शैक्षणिक योग्यता और जाति प्रमाण पत्र आदि की बारीकी से जांच की जाएगी। सभी चरणों को सफलतापूर्वक पार करने के बाद ही उम्मीदवारों को अंतिम रूप से नियुक्त किया जाएगा।
वेटेज का गणित
अंतिम चयन में अंक प्रणाली का महत्व अत्यधिक है। यूपीएससी ने अपनी चयन प्रक्रिया में भर्ती परीक्षा को 75 प्रतिशत वेटेज और इंटरव्यू को 25 प्रतिशत वेटेज दिया है। इसका स्पष्ट अर्थ है कि लिखित परीक्षा में प्राप्त अंक अंतिम मेरिट सूची बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हालांकि, इंटरव्यू का 25 प्रतिशत हिस्सा भी नजरअंदाज करने योग्य नहीं है, क्योंकि यह अंतिम परिणाम को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे लिखित परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता के विकास पर भी ध्यान केंद्रित करें, जो इंटरव्यू में मददगार साबित होगा।
वेतनमान: प्रिंसिपल पद के लिए
प्रिंसिपल के पद पर चयनित होने वाले व्यक्ति के लिए आकर्षक वेतन का प्रावधान है। आधिकारिक विवरण के अनुसार, प्रिंसिपल के लिए शुरुआती बेसिक वेतन 78,800 रुपये निर्धारित है। यदि इसमें सरकारी नियमों के अनुसार विभिन्न भत्तों को जोड़ा जाए, तो अनुमानित मासिक ग्रॉस वेतन 1.48 लाख रुपये से लेकर 1.55 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। यह वेतन संरचना दिल्ली के सरकारी स्कूलों के प्रमुखों की गरिमा और जिम्मेदारी के अनुरूप तय की गई है, हालांकि नियुक्ति के समय लागू सरकारी नियमों के अनुसार वास्तविक राशि में थोड़ा अंतर हो सकता है।
वेतनमान: वाइस प्रिंसिपल पद के लिए
वाइस प्रिंसिपल के पदों पर काम करने वाले अधिकारियों के लिए शुरुआती बेसिक वेतन 56,100 रुपये प्रति माह रखा गया है। विभिन्न भत्तों को मिलाकर उनका मासिक ग्रॉस वेतन लगभग 1.08 लाख रुपये से 1.15 लाख रुपये के बीच रहने की संभावना है। यद्यपि प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल के वेतन में अंतर है, लेकिन दोनों ही पदों के लिए पैकेज काफी संतोषजनक माना जा रहा है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ग्रॉस सैलरी में महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य लाभों को शामिल किया गया है, जो समय-समय पर सरकारी अधिसूचनाओं के आधार पर संशोधित होते रहते हैं।
उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
जिन उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए आवेदन किया है, उन्हें अब अपनी तैयारी की योजना में बदलाव करना चाहिए। 1 नवंबर की जगह 9 जनवरी 2027 की तारीख को अपने कैलेंडर में चिन्हित कर लें। चूँकि समय सीमा बढ़ गई है, इसलिए यह समय उन विषयों को मजबूत करने का है जो अब तक कमजोर थे। उम्मीदवारों को समय-समय पर संघ लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहना चाहिए ताकि प्रवेश पत्र या परीक्षा से संबंधित कोई भी अन्य सूचना उनसे छूट न जाए। अंत में, यह याद रखना जरूरी है कि 124 प्रिंसिपल और 704 वाइस प्रिंसिपल के पदों पर अंतिम चयन के लिए कड़ी मेहनत और सही रणनीति ही सफलता की कुंजी है।
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