बिहार
4 घंटे पहले
2
विचारों
जमुई मामले में प्रशासन सख्त
बिहार के जमुई में छात्र और छात्रा के साथ हुई बदसलूकी का मामला अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से जांच शुरू की। अब जमुई के डीएम नवीन कुमार ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इस मामले के सभी आरोपियों को स्पीडी ट्रायल के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि कानूनी प्रक्रिया को तेज करते हुए अगले 15 से 20 दिन के भीतर ही दोषियों को सजा सुनाई जाए। डीएम ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे प्राथमिकता पर रखा गया है और इसके लिए सक्षम अधिकारियों की विशेष टीम तैनात की गई है।
मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्रवाई काफी तेज रही है। मुख्य आरोपी नंदन यादव और हरेराम यादव घटना के बाद से ही फरार चल रहे थे, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ भी हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी नंदन यादव के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथ ही हरेराम यादव को भी पुलिस ने दबोच लिया। नंदन यादव की मेडिकल जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
घटना का घटनाक्रम
जमुई में हुई इस शर्मनाक घटना की टाइमलाइन काफी महत्वपूर्ण है। 19 सितंबर को जमुई-लखीसराय सड़क मार्ग पर कोचिंग से लौट रहे एक छात्र और छात्रा को कुछ लोगों ने जबरन रोक लिया और उनके साथ बदसलूकी की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने पीड़ितों से संपर्क कर केस दर्ज किया और आरोपियों की पहचान शुरू की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस मामले में कुछ आरोपी नाबालिग भी हैं। पुलिस ने छापेमारी कर अब तक इस मामले से जुड़े सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
वीडियो वायरल करने वालों पर भी शिकंजा
पुलिस ने केवल मुख्य आरोपियों तक ही अपनी जांच सीमित नहीं रखी है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाकर पीड़िता की पहचान उजागर करने वालों के खिलाफ भी साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने ऐसे करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल की पहचान की है, जिन्होंने आपत्तिजनक वीडियो को साझा किया था। इन सभी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बार एसोसिएशन का बड़ा फैसला
इस मामले को लेकर जमुई जिला बार एसोसिएशन ने भी कड़ा रुख अपनाया है। वकीलों की संस्था ने निर्णय लिया है कि उनके अधिवक्ता आरोपियों की तरफ से अदालत में पैरवी नहीं करेंगे। बार एसोसिएशन ने स्पष्ट रूप से प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को स्पीडी ट्रायल के तहत चलाया जाए ताकि समाज में कड़ा संदेश जा सके और पीड़ितों को जल्द न्याय मिले।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
डीएम नवीन कुमार के अनुसार, प्रशासनिक स्तर पर पूरी कोशिश है कि सबूतों के संकलन और पुलिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत में मजबूती से पक्ष रखा जाए। मुख्य आरोपी की मेडिकल स्थिति सामान्य होते ही उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि जिस तरह से 15 से 20 दिनों का लक्ष्य रखा गया है, उससे कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ेगा। फिलहाल पुलिस अपनी जांच के अंतिम चरण में है और सबूतों को व्यवस्थित करने का काम चल रहा है ताकि अदालत में इसे साबित करने में कोई देरी न हो।
Comments
0 comment