जमशेदपुर में नवरात्र की धूम: मां दुर्गा पर आधारित भजन 'मैया के कोमल-कोमल बाल' ने भक्तों को किया भावुक धर्म 5 घंटे पहले 3
नवरात्र के पावन मौके पर जमशेदपुर के युवा कलाकार चंदन सिंह का नया भजन सोशल मीडिया और पूजा पंडालों में खूब पसंद किया जा रहा है।

नवरात्र में भक्ति का नया रंग

नवरात्र का त्योहार आते ही पूरे जमशेदपुर में माता की भक्ति की लहर दौड़ गई है। शहर की फिजाओं में इन दिनों मां दुर्गा के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है। शहर के मंदिरों से लेकर भव्य और आकर्षक दुर्गा पूजा पंडालों तक, हर जगह भक्त अपनी-अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं। इस भक्तिमय माहौल के बीच, जमशेदपुर के एक युवा कलाकार चंदन सिंह द्वारा तैयार किया गया एक नया भक्ति गीत चर्चा का विषय बना हुआ है। इस भजन का शीर्षक 'मैया के कोमल-कोमल बाल' है, जो भक्तों के दिलों को छू रहा है और उन्हें मां की ममता के करीब महसूस करा रहा है।

मां दुर्गा के स्वरूप का सुंदर वर्णन

युवा कलाकार चंदन सिंह का कहना है कि इस विशेष गीत में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों को बड़ी गहराई से उकेरा गया है। भजन में मां की अतुल्य सुंदरता के साथ-साथ उनकी शक्ति, ममता, दया और भक्तों पर बरसने वाली असीम कृपा का सुंदर वर्णन किया गया है। यह गीत मां के उस ममतामयी रूप को दर्शाता है, जिसमें वह एक मां की तरह अपने भक्तों की पीड़ा को समझती हैं और उन्हें हर प्रकार के कष्टों से मुक्ति दिलाती हैं। भक्तों की आस्था है कि मां दुर्गा सदैव उनकी रक्षा करती हैं और कठिन समय में लड़ने का साहस प्रदान करती हैं। गीत के बोल इसी श्रद्धा भाव को और अधिक गहरा बना देते हैं, जिससे सुनने वाले भक्त भावुक हो जाते हैं।

जमशेदपुर के विभिन्न इलाकों में हुई शूटिंग

इस भक्ति गीत को बनाने में स्थानीय कलाकारों ने काफी मेहनत की है। चंदन सिंह के अनुसार, गाने के वीडियो की शूटिंग जमशेदपुर के अलग-अलग हिस्सों में की गई है, जिससे यह वीडियो और भी अधिक जीवंत और अपना सा लगता है। इस पूरी मेहनत का परिणाम यह है कि शहर के लोग इस रचना को बेहद पसंद कर रहे हैं। इस भक्ति गीत को चंदन सिंह ऑफिशियल नामक यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है। रिलीज के कुछ ही समय के भीतर, सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।

पूजा पंडालों में गूंज रहा संगीत

नवरात्र के दौरान दुर्गा पूजा पंडालों में भजन और कीर्तन की विशेष धूम रहती है। इसी कड़ी में 'मैया के कोमल-कोमल बाल' भजन को भी शहर के मुख्य पूजा पंडालों में बार-बार बजाया जा रहा है। स्थानीय लोग न केवल माता की आराधना कर रहे हैं, बल्कि इस नए गीत का आनंद भी ले रहे हैं। जमशेदपुर के उभरते कलाकारों की यह अनूठी पहल न केवल स्थानीय प्रतिभा को एक बड़ा मंच दे रही है, बल्कि शहर के भक्तिपूर्ण माहौल को और भी अधिक विशेष बनाने का काम कर रही है। नवरात्र के इन नौ दिनों में यह गीत श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा और आनंद का एक नया माध्यम बन गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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