राजस्थान
एक घंटा पहले
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पुलिस कमिश्नरेट पर कांग्रेस का लंबा प्रदर्शन
राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस कमिश्नरेट के सामने कांग्रेस पार्टी का विरोध प्रदर्शन लगातार गहराता जा रहा है। रितु बराला के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का धरना 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पूरी तरह जारी है। इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली कर रहे हैं और उनके साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता तथा सैकड़ों कार्यकर्ता घटनास्थल पर डटे हुए हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस बातचीत या सहमति बनाने की कोशिश नहीं की गई है, जिसके कारण कार्यकर्ताओं का गुस्सा और अधिक बढ़ता जा रहा है।
सड़क जाम करने की कोशिश और तनाव
विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब अधिक तनावपूर्ण हो गई जब आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के ठीक बाहर मुख्य सड़क को जाम करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए अचानक सड़क के बीचोंबीच आ गए, जिससे आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई। यातायात को सुचारू रखने के लिए पुलिस बल को तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से समझाइश की और उन्हें सड़क से पीछे हटने के लिए मजबूर किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और टकराव की स्थिति भी देखने को मिली।
सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी
धरनास्थल पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एकजुट होकर प्रदेश की भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक रितु बराला के मामले में उचित और निष्पक्ष तरीके से एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, तब तक वे यहां से नहीं हटेंगे। कमिश्नरेट परिसर के भीतर वरिष्ठ नेताओं का जमावड़ा लगा है, जबकि बाहर सैकड़ों की तादाद में कार्यकर्ता एकत्र होकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। नेताओं का आरोप है कि पुलिस प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है और मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और पुलिस जाब्ता
प्रदर्शन की गंभीरता और कार्यकर्ताओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कमिश्नरेट के बाहर भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। शहर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद मौके पर मौजूद हैं और पूरी स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कमिश्नरेट के आसपास के रास्तों और परिसर के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा घेरा इतना कड़ा है कि कोई भी प्रदर्शनकारी अंदरूनी इलाकों में प्रवेश न कर सके। प्रशासन इस बात पर जोर दे रहा है कि कानून व्यवस्था का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच कोई औपचारिक संवाद नहीं होने से यह गतिरोध कब तक बना रहेगा, इसे लेकर संशय बना हुआ है।
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