मध्य प्रदेश
47 मिनट पहले
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कॉन्सर्ट की राह में टैक्स का रोड़ा
प्रसिद्ध पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के चाहने वालों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। इंदौर में 15 नवंबर को होने वाले उनके बहुप्रतीक्षित कॉन्सर्ट की राह में कानूनी और वित्तीय अड़चनें आ गई हैं। इंदौर नगर निगम ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए अभी तक अपनी मंजूरी नहीं दी है। इसका मुख्य कारण साल 2024 में हुए गायक के पिछले शो का बकाया मनोरंजन कर है। निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, यह बकाया राशि करीब 2 करोड़ रुपए है।
नगर निगम की सख्त कार्रवाई
नगर निगम प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोजकों और कार्यक्रम स्थल के मालिक, दोनों को विधिवत नोटिस जारी कर दिया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि जब तक पिछला बकाया टैक्स पूरी तरह से जमा नहीं कर दिया जाता, तब तक 15 नवंबर के नए कॉन्सर्ट के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वसूली की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही भविष्य के आयोजनों पर विचार किया जाएगा।
क्या है मनोरंजन कर के नियम
नगर निगम के नियमों के तहत, शहर में आयोजित होने वाले किसी भी कॉन्सर्ट या बड़े सार्वजनिक शो के दौरान होने वाली कुल टिकट बिक्री पर 10 प्रतिशत मनोरंजन कर का भुगतान करना अनिवार्य होता है। यह राशि आयोजकों को सीधे नगर निगम के खाते में जमा करानी होती है। निगम का आरोप है कि दिलजीत दोसांझ के 2024 के शो के दौरान इस अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते अब यह बड़ी देनदारी खड़ी हो गई है।
सख्त रुख अपना रहा है प्रशासन
नगर निगम प्रशासन पुराने टैक्स की वसूली को लेकर बेहद सख्त नजर आ रहा है। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इसी तरह की कार्रवाई हाल ही में गायक करण औजला के शो के दौरान भी की गई थी। उस आयोजन से निगम ने करीब 57 लाख रुपए का मनोरंजन कर वसूला था। अब उसी तर्ज पर दिलजीत दोसांझ के पुराने शो के बकाए की वसूली के लिए भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
आयोजकों और प्रशंसकों की बढ़ी चिंता
कॉन्सर्ट की तारीख नजदीक आने के साथ ही आयोजकों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। यदि समय रहते बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ, तो शो के आयोजन पर संकट और गहरा सकता है। इस अनिश्चितता के कारण उन प्रशंसकों के बीच भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिन्होंने पहले ही कॉन्सर्ट के लिए टिकट खरीद लिए हैं। फिलहाल, पूरा मामला नगर निगम की वसूली की कार्रवाई पर टिका हुआ है और आयोजन की अनुमति पूरी तरह से बकाया भुगतान पर निर्भर है।
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