मध्य प्रदेश
2 घंटे पहले
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पुलिस बनी छात्रों की मददगार
इंदौर में आयोजित NEET परीक्षा के दौरान प्रशासन और पुलिस का मानवीय चेहरा देखने को मिला। परीक्षा के दिन कई छात्र भ्रमवश या देरी के कारण गलत केंद्रों पर पहुंच गए थे, लेकिन पुलिस की तत्परता ने उनका भविष्य सुरक्षित कर दिया। एसीपी विजय चौधरी ने एक ऐसी ही छात्रा श्रेया सिंह की मदद की, जो गलत परीक्षा केंद्र पर पहुंच गई थी। परीक्षा शुरू होने में केवल 15 मिनट शेष थे, ऐसे में एसीपी ने अपनी सरकारी गाड़ी से उसे सही केंद्र नवीन विधि महाविद्यालय तक पहुंचाया। इसी प्रकार, सरवटे बस स्टैंड पर भी एक अन्य छात्रा को देर होते देख एडिशनल डीसीपी ने उसे अपनी गाड़ी में बैठाकर सही समय पर कृषि कॉलेज परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया।
कलेक्टर शिवम वर्मा का एक्शन मोड
परीक्षा केंद्रों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा खुद मैदान में उतरे। SGSITS कॉलेज का निरीक्षण करते समय उन्होंने एक छात्रा को आधार कार्ड संबंधी समस्या के कारण परेशान देखा। कलेक्टर ने तुरंत नोडल अधिकारियों को बुलाकर उनकी क्लास लगाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
खुद बनकर देखा अभ्यर्थी, 3 मिनट में सुधारी व्यवस्था
कलेक्टर ने मौके पर मौजूद हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली की जांच करने के लिए खुद को एक अभ्यर्थी की स्थिति में रखकर परीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को दस्तावेज और फोटो निकालने की प्रक्रिया दिखाने को कहा। कलेक्टर की मौजूदगी में केवल 3 मिनट के भीतर फोटो प्रिंट की व्यवस्था को सुधार दिया गया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी भी विद्यार्थी को दस्तावेजों के कारण परीक्षा में बाधा आई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से सीधा संवाद कर फीडबैक भी लिया।
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