धर्म
8 घंटे पहले
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विचारों
इंदिरा एकादशी का महत्व और शुभ तिथि
हिंदू धर्म में इंदिरा एकादशी का विशेष स्थान है, जो पूरी तरह से जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करने से मनुष्य के सभी पाप कर्म नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। अयोध्या के प्रख्यात पंडित सीताराम दास के अनुसार, उदया तिथि की गणना के आधार पर इस बार इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर, दिन मंगलवार को किया जाएगा।
पूजा विधि और नियम
पंडित जी ने बताया कि व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को 6 अक्टूबर को सूर्योदय से पूर्व उठकर दैनिक कार्यों से निवृत हो जाना चाहिए। इसके बाद स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु की पूजा का संकल्प लें। पूजन प्रक्रिया में भगवान विष्णु का जलाभिषेक करने के उपरांत उन्हें पीला चंदन, पीले रंग के पुष्प और पीले फलों का भोग लगाना चाहिए।
सावधानी और विशेष उपाय
भगवान को अर्पित किए जाने वाले भोग में तुलसी दल को अवश्य शामिल करें, क्योंकि इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। पूजा के अंतिम चरण में भगवान से अपने द्वारा अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा याचना जरूर करें। यह व्रत मन को शांति और आत्मा को पवित्रता प्रदान करने वाला माना गया है।
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