देश को मिली दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात, नई दिल्ली और वाराणसी के बीच तय करेगी सफर फायदे की खबर 3 घंटे पहले 2
भारतीय रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी है क्योंकि देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को आधिकारिक मंजूरी मिल गई है, जो वाराणसी और नई दिल्ली के बीच संचालित होगी।

वाराणसी और दिल्ली के बीच हाईस्पीड सफर

भारतीय रेल के बेड़े में एक और अत्याधुनिक ट्रेन शामिल होने जा रही है। देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को परिचालन के लिए हरी झंडी दे दी गई है। यह हाईस्पीड रेलगाड़ी मुख्य रूप से वाराणसी और नई दिल्ली के बीच सेवा प्रदान करेगी। इस ट्रेन के मार्ग में कानपुर सेंट्रल और प्रयागराज जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव तय किया गया है, जिससे पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों को राजधानी दिल्ली तक पहुँचने के लिए एक बेहतरीन विकल्प उपलब्ध होगा।

प्रस्तावित समय-सारणी और यात्रा का समय

रेलवे की ओर से तैयार की गई प्रस्तावित समय-सारणी के मुताबिक, यह ट्रेन वाराणसी से रात 8:40 बजे प्रस्थान करेगी। सफर के दौरान यह ट्रेन रात 10:05 बजे प्रयागराज और रात 11:50 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी। अंततः यह ट्रेन सुबह 4:50 बजे नई दिल्ली के स्टेशन पर अपनी यात्रा समाप्त करेगी। इस प्रकार वाराणसी से नई दिल्ली तक की कुल दूरी तय करने में करीब 8 घंटे 10 मिनट का समय लगने का अनुमान है।

वापसी की यात्रा का विवरण

नई दिल्ली से वापसी के सफर की बात करें तो यह ट्रेन रात 11:25 बजे रवाना होगी। वापसी में यह ट्रेन तड़के 3:30 बजे कानपुर पहुंचेगी और सुबह 5:38 बजे प्रयागराज रुकेगी। इसके बाद सुबह 7:35 बजे यह ट्रेन अपने गंतव्य वाराणसी पहुंचेगी। हालांकि, यात्रियों को ध्यान रखना चाहिए कि रेलवे ने अभी आधिकारिक समय-सारणी जारी नहीं की है। संचालन की अंतिम तिथि और समय की घोषणा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से हरी झंडी मिलने के बाद ही की जाएगी।

कानपुर के लिए व्यापारिक अवसर

इस ट्रेन का कानपुर में ठहराव होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। सांसद रमेश अवस्थी ने इसे कानपुर शहर के लिए एक मील का पत्थर बताया है। उनका मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को काफी बढ़ावा मिलेगा। मध्य उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए यह तेज और आरामदायक सफर का एक नया अध्याय साबित होगा।

ट्रेन की क्षमता और अत्याधुनिक सुविधाएं

यह नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कुल 16 कोचों के साथ चलेगी, जिसमें यात्रियों के लिए कुल 823 बर्थ उपलब्ध होंगी। कोच संरचना में 11 थर्ड एसी, 4 सेकेंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल किया गया है। ट्रेन की अधिकतम गति शुरुआत में 130 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है, जिसे भविष्य में 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक ले जाने की योजना है। इस ट्रेन का रैक वर्तमान में ट्रायल के लिए पूरी तरह तैयार है।

मनीष अग्रवाल पाबना के मार्केट्स संवाददाता हैं और शेयर बाजार, आईपीओ तथा निवेश के रुझानों पर रिपोर्टिंग करते हैं। सेंसेक्स-निफ्टी की चाल, कंपनियों के नतीजों और निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी को वे सहज भाषा में समझाते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि छोटे निवेशक भी बाजार को बेहतर समझ सकें।

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