रिलायंस जियो का मेगा IPO: भारत के इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम लाने की तैयारी, जानें क्या हैं पूरी योजना आईपीओ एक घंटा पहले 4
रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स अपना बहुप्रतीक्षित आईपीओ लाने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसके जरिए कंपनी 30,200 करोड़ रुपये से 37,700 करोड़ रुपये तक जुटाने का लक्ष्य रख रही है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम माना जा रहा है।

रिलायंस जियो का ऐतिहासिक सार्वजनिक निर्गम

भारत के कॉरपोरेट जगत में एक बड़े बदलाव की आहट सुनाई दे रही है, क्योंकि रिलायंस जियो अपने अब तक के सबसे बड़े इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के अंतिम चरण में पहुंच गया है। बाजार जानकारों की मानें तो इस आईपीओ का कुल आकार 30,200 करोड़ रुपये से लेकर 37,700 करोड़ रुपये तक हो सकता है। इस निर्गम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इससे प्राप्त होने वाली पूरी धनराशि कंपनी के विस्तार और मजबूती के लिए नई पूंजी के तौर पर इस्तेमाल की जाएगी। इसमें मौजूदा शेयरधारकों द्वारा अपनी हिस्सेदारी बेचने जैसी कोई प्रक्रिया शामिल नहीं है। कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के मुताबिक, जुटाई गई रकम का मुख्य उद्देश्य रिलायंस जियो इन्फोकॉम की कर्ज देनदारियों को कम करना और अन्य महत्वपूर्ण व्यावसायिक कार्यों में निवेश करना है।

देश की दिग्गज कंपनियों में शामिल होगा जियो

जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की क्षमता रखता है। अनुमान है कि यह एलआईसी और पेटीएम जैसे बड़े आईपीओ से भी कहीं ज्यादा बड़ा साबित होगा। बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद, जियो की गिनती देश की शीर्ष 4 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में होने की उम्मीद है, जहाँ यह एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गजों के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा। निवेशकों का आकर्षण कंपनी के विशाल सब्सक्राइबर बेस और लगातार बढ़ती हुई डिजिटल सेवाओं के कारण बना हुआ है। कंपनी का मुख्य फोकस डेटा खपत को राजस्व में बदलने की अपनी अनूठी क्षमता पर केंद्रित है।

आकाश अंबानी की वैश्विक निवेशकों के साथ सक्रियता

इस बड़े आयोजन से पहले, जियो प्रबंधन ने वैश्विक स्तर पर अपनी तैयारी पुख्ता कर ली है। जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने दुनिया भर के 50 प्रमुख वैश्विक निवेशकों के साथ गहन चर्चा की है। संस्थागत निवेशकों ने कंपनी की भविष्य की योजनाओं में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। उल्लेखनीय है कि मेटा, गूगल और सऊदी अरब के पीआईएफ (PIF) जैसे बड़े वैश्विक नाम पहले ही 2020 में कंपनी में महत्वपूर्ण निवेश कर चुके हैं, जो जियो के प्रति बाजार के भरोसे को दर्शाता है।

आईपीओ की प्रमुख तारीखें और संरचना

रिलायंस इंडस्ट्रीज के डिजिटल सर्विस विंग के रूप में काम करने वाली जियो प्लेटफॉर्म्स अपना आईपीओ 21 अक्टूबर को बाजार में पेश करेगी। मुकेश अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा लाया जाने वाला यह पहला आईपीओ होगा। कंपनी ने 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ नए शेयर जारी करने का निर्णय लिया है। इसमें ऑफर-फॉर-सेल का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है, जो कंपनी की मौजूदा शेयर पूंजी का लगभग 3 प्रतिशत हिस्सा है। प्राइस बैंड की बात करें तो, जियो ने 1065 रुपये से 1119 रुपये प्रति शेयर का दायरा तय किया है। अपर प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी लगभग 30,213 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

सब्सक्रिप्शन की समयसीमा और कंपनी की स्थिति

यह सार्वजनिक निर्गम निवेशकों के लिए 23 अक्टूबर को बंद हो जाएगा, जबकि एंकर निवेशकों के पास 19 अक्टूबर, सोमवार से ही बोली लगाने का मौका होगा। वर्तमान में, रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी की मजबूती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जून के अंत तक रिलायंस जियो इन्फोकॉम के ग्राहकों की संख्या 533.3 मिलियन तक पहुंच गई थी, जिसमें से 284.9 मिलियन ग्राहक 5G तकनीक का लाभ उठा रहे हैं।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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