भारत
2 घंटे पहले
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विचारों
इंडिया ब्लॉक का लगातार तीसरे दिन जारी रहेगा आंदोलन
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इंडिया गठबंधन का विरोध प्रदर्शन आज लगातार तीसरे दिन भी जारी रहने वाला है। कांग्रेस ने अपनी रणनीति को धार देते हुए देश भर के अपने सभी सांसदों और मुख्यमंत्रियों को दिल्ली तलब किया है। इस विरोध मार्च में कांग्रेस के अलावा टीएमसी, वामपंथी दलों और अन्य सहयोगी दलों के नेता भी पूरी ताकत के साथ शामिल हो सकते हैं। इसी सिलसिले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी आज दिल्ली पहुंच रही हैं।
बेंगलुरू के फ्रीडम पार्क में सीजेपी का प्रदर्शन
बेंगलुरू के फ्रीडम पार्क में आज सीजेपी द्वारा एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया है। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से SIR और देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा की घटनाओं के विरोध में किया जा रहा है। सीजेपी की प्रमुख मांग है कि SIR को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें। सीजेपी ने आगामी 10 अक्टूबर को दिल्ली में भी एक बड़े विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार कर ली है।
कांग्रेस मना रही है ब्लैक डे
कांग्रेस पार्टी आज ब्लैक डे मना रही है। पार्टी का आरोप है कि 6-7 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उनके नेताओं के साथ हाथापाई की और बदसलूकी की। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों को दिल्ली में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन
कांग्रेस आज फिर किसी बड़े विरोध प्रदर्शन को अंजाम देने की तैयारी में है, हालांकि कार्यक्रम के समय और स्थान के बारे में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। गौरतलब है कि बुधवार को पार्टी के नेता पहले कनॉट प्लेस में जुटे थे, जिसके बाद अचानक जंतर-मंतर पर इकट्ठा होने का निर्णय लिया गया, जहाँ पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
केंद्रीय मंत्री ने किया पलटवार
विपक्ष के इस पूरे विरोध प्रदर्शन पर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता अर्जुन राम मेघवाल ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस के उस दावे को सिरे से खारिज किया जिसमें उन्होंने 300 सांसदों के साथ प्रदर्शन करने की बात कही थी। मेघवाल ने कहा कि कांग्रेस के पास उन 300 सांसदों की कोई सूची तक नहीं है। उन्होंने कहा कि इतने सांसदों के साथ मुलाकात करने की कोई संवैधानिक परंपरा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी न केवल संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, बल्कि उनकी नीयत देश के लोकतंत्र को वैश्विक स्तर पर नीचा दिखाने की भी है।
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