बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस, महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ा सियासी तापमान महाराष्ट्र एक घंटा पहले 8
अभिनेता इमरान खान को FRRO की ओर से भारत छोड़ने का आदेश मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है, जहां विपक्ष इसे भेदभाव बता रहा है, वहीं सरकार ने इसे वीजा नियमों का उल्लंघन करार दिया है।

इमरान खान की मुश्किलें और कानूनी चुनौती

बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान के लिए आने वाला समय काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। मुंबई में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद, विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय यानी FRRO ने उन्हें कड़ा नोटिस जारी किया है। इस आधिकारिक आदेश के मुताबिक, इमरान खान को 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़कर जाने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, अभिनेता की कानूनी टीम इस नोटिस के खिलाफ पूरी तरह से कमर कस चुकी है और वे आगामी 16 अक्टूबर को बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र के राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया है और विपक्षी दलों ने इसे लेकर तीखे सवाल खड़े किए हैं।

विपक्ष के गंभीर आरोप और प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए AIMIM नेता वारिस पठान ने केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पठान ने सवाल खड़ा किया कि क्या इमरान खान के हाथ में हथियार थे? उन्होंने कहा कि अभिनेता तो केवल तिरंगा लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए थे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब कुछ केवल उनके मुस्लिम होने की वजह से किया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि अगर इनका नाम इंद्रजीत होता, तो क्या तब भी प्रशासन इसी तरह की कार्रवाई करता?

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद हुसैन दलवई ने भी इस मामले में अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि यदि अभिनेता ने वीजा संबंधी किसी नियम या कानून का उल्लंघन किया है, तो कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना सामान्य है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि सिर्फ एक समुदाय से जुड़े होने के कारण किसी को निशाना बनाना और उन्हें इस तरह बाहर निकालने का प्रयास करना अनुचित है।

बीजेपी और सरकार का स्पष्ट रुख

विपक्ष के इन तमाम आरोपों को भारतीय जनता पार्टी ने सिरे से खारिज किया है। बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बासित अली ने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि भारत में आकर कानून को हाथ में लेने वाले या अशांति पैदा करने वाले किसी भी विदेशी नागरिक के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इमरान खान के खिलाफ और अधिक कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बासित अली ने कहा कि वे इस विषय को लेकर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे।

दूसरी ओर, महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी है और इसमें बदले की कोई राजनीति नहीं है। उन्होंने दोहराया कि इमरान खान पर की गई यह कार्रवाई केवल उनके वीजा की शर्तों के उल्लंघन पर आधारित है। अब सबकी निगाहें अदालत की सुनवाई पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ेगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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