राष्ट्रीय राजनीति
6 घंटे पहले
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वैश्विक पटल पर भारत की लगातार मजबूत होती स्थिति को लेकर रूस ने एक बार फिर बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है। भारत में तैनात रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने स्पष्ट किया है कि भारत का एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में उभरना अब एक ऐसी सच्चाई है जिसे दुनिया की कोई भी ताकत बदल नहीं सकती। इसके साथ ही उन्होंने चीन के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का भी जिक्र किया और इसे अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य का एक बड़ा बदलाव बताया।
भारत और चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकना असंभव
रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर दोनों एशियाई देशों की भूमिका को रेखांकित किया है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि भारत का महाशक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ना और इसके साथ ही चीन के प्रभाव का लगातार विस्तार होना, समकालीन विश्व की एक ऐसी प्रवृत्ति है जिसे कोई भी बाहरी ताकत अब रोक नहीं सकती है। यह बदलाव वैश्विक संतुलन को एक नया रूप दे रहा है, जिसमें भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो चुकी है।
अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता और ब्रिक्स का भविष्य
इस चर्चा के दौरान रूसी राजदूत ने आर्थिक मोर्चे पर भी एक बेहद महत्वपूर्ण राय साझा की। उन्होंने भारत और ब्रिक्स देशों की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि इन विकासशील देशों की तरक्की को पूरी तरह से अमेरिकी डॉलर के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। अलीपोव के अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता सुनिश्चित करने और अपनी आर्थिक संप्रभुता को बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी हो गया है कि दुनिया अब आपसी लेन-देन के वैकल्पिक तरीकों की खोज करे।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रिक्स देशों की आर्थिक विकास यात्रा को सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखने के लिए स्वतंत्र और वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों का विकास करना समय की सबसे बड़ी मांग बन चुका है।
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