मध्य प्रदेश
8 घंटे पहले
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मोहासा बन रहा ग्रीन एनर्जी का केंद्र
मध्य प्रदेश का नर्मदापुरम जिला अब ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। यहाँ स्थित मोहासा औद्योगिक क्षेत्र को ग्रीन एनर्जी कैपिटल के रूप में तैयार किया जा रहा है। सरकार की आत्मनिर्भर भारत थीम के अनुरूप इस क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है ताकि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को स्थानीय स्तर पर पूरा किया जा सके।
लूनो एनर्जी ग्रुप की बड़ी पहल
इस विकास यात्रा में एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ गई है। लूनो एनर्जी ग्रुप ने मोहासा में एक अत्याधुनिक फैक्ट्री का शिलान्यास किया है। यह संयंत्र मुख्य रूप से सोलर एनर्जी से जुड़े उपकरणों और पार्ट्स के निर्माण पर केंद्रित होगा। अब तक इन पुर्जों के लिए भारत पूरी तरह से अन्य देशों पर निर्भर था, लेकिन इस नई फैक्ट्री के शुरू होने के बाद आयात पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी। यह देश के लिए सौर ऊर्जा तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
10 गीगाबाइट ऊर्जा का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार मोहासा को ग्रीन कैपिटल बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। वर्तमान कार्ययोजना के तहत यहाँ तीन बड़े ग्रीन एनर्जी प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से करीब 10 गीगाबाइट ऊर्जा स्रोत उत्पन्न करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना न केवल क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति देगी, बल्कि सौर ऊर्जा एकत्रीकरण के क्षेत्र में देश को नई तकनीक और स्वदेशी उपकरण भी उपलब्ध कराएगी।
आयात की जरूरत अब नहीं होगी
विशेषज्ञों का मानना है कि मोहासा में सोलर पार्ट्स के निर्माण से पूरी सप्लाई चेन में बदलाव आएगा। जो उपकरण पहले विदेशों से मंगवाए जाते थे, उनकी उपलब्धता अब स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित होगी। इससे लागत में कमी आने की संभावना है और सौर ऊर्जा परियोजनाओं को और अधिक गति मिलेगी। नर्मदापुरम का यह इंडस्ट्रियल एरिया आने वाले समय में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में देश का एक बड़ा हब बनने की राह पर है।
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