राइज एंड फॉल 2 में बवाल: तेज प्रताप और मनीष कश्यप की तीखी बहस ने घर का पारा चढ़ाया मनोरंजन एक घंटा पहले 3
ओटीटी शो राइज एंड फॉल 2 के लेटेस्ट एपिसोड में आतिशबाजी टास्क के दौरान तेज प्रताप यादव और मनीष कश्यप के बीच जमकर तकरार हुई, जिसका असर कंटेस्टेंट्स के आपसी रिश्तों पर भी पड़ा है।

आतिशबाजी टास्क ने बढ़ाया तनाव

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले चर्चित शो राइज एंड फॉल 2 के हालिया एपिसोड में टावर का माहौल पूरी तरह से बदल गया। शो के दौरान जब आतिशबाजी से जुड़ा एक अहम टास्क शुरू हुआ, तो कंटेस्टेंट्स के बीच बहसबाजी और तनाव चरम पर पहुंच गया। इस टास्क का मुख्य केंद्र प्राइज पॉट की राशि को बढ़ाना था, लेकिन यह जल्द ही एक गहरे विवाद में तब्दील हो गया। बहस का मुख्य विषय वर्कर्स की कड़ी मेहनत, उनके प्रति किए जाने वाले व्यवहार और शो के अंदर शक्ति के संतुलन को लेकर था। एक तरफ बेसमेंट में मौजूद वर्कर्स लगातार फायरवर्क्स बनाने और उन्हें पास कराने के भारी दबाव का सामना कर रहे थे, तो दूसरी ओर पेंटहाउस में भी बदलते समीकरणों और नई दुश्मनियों ने पूरे माहौल को गरमा दिया था।

शर्तों ने बढ़ाई चुनौती

इस टास्क की शर्तें काफी सख्त रखी गई थीं। वर्कर्स को प्राइज पॉट की राशि बढ़ाने के लिए लगातार आतिशबाजी के उपकरण तैयार करने थे। हालांकि इसमें एक बड़ी पेचीदगी यह थी कि यदि दो फायरवर्क्स क्वालिटी चेक में असफल हो जाते, तो वर्कर्स को अपने ही गुट के एक कमजोर सदस्य को बाहर करने का कठिन निर्णय लेना पड़ता। पहले राउंड में शहजाद पूनावाला ने जब एक फायरवर्क को रिजेक्ट किया, तो उन्होंने स्पष्टीकरण मांगते हुए सवाल उठाया कि क्या उनका फैसला गलत था। इस पर प्रियंका चाहर चौधरी ने उन्हें अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। शहजाद ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि वह शो में केवल फुटेज बटोरने नहीं आए हैं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी निभाने आए हैं। यह छोटी सी शुरुआत आगे चलकर बड़े संघर्ष की नींव साबित हुई।

तेज प्रताप और मनीष कश्यप के बीच टकराव

अगले दौर में जब शहजाद ने मनीष कश्यप द्वारा बनाए गए फायरवर्क को भी खारिज कर दिया, तो मनीष काफी नाराज हो गए और उन्होंने टास्क के नियमों और फैसले पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। इसी बीच तेज प्रताप यादव बीच-बचाव के लिए आए, लेकिन यह बातचीत जल्द ही एक तीखी बहस में बदल गई। तेज प्रताप ने मनीष पर आरोप लगाया कि वह पूरी स्थिति को अपने फायदे के लिए मोड़ रहे हैं। इसके विपरीत, मनीष का पक्ष था कि वर्कर्स दिन-रात पसीना बहा रहे हैं और रूलर्स की ओर से उन्हें वह सम्मान नहीं मिल रहा जिसके वे हकदार हैं। धीरे-धीरे यह लड़ाई केवल टास्क तक सीमित न रहकर अधिकार, वर्ग भेद और गेम की राजनीति तक पहुंच गई। मनीष ने बार-बार तेज प्रताप को वर्कर्स की मेहनत का सम्मान करने की याद दिलाई, जबकि तेज प्रताप ने उन पर राजनीति करने का इल्जाम लगाया। इस भिड़ंत ने शो में भविष्य के लिए एक नई कड़वाहट पैदा कर दी है।

वर्कर्स को लेने पड़े कठिन निर्णय

टास्क के दौरान स्थिति तब और गंभीर हो गई जब क्वालिटी कंट्रोल अधिकारियों के बीच भी फायरवर्क्स की गुणवत्ता को लेकर राय एकमत नहीं रही। अंततः अल्टीमेट रूलर को अंतिम निर्णय लेने की जिम्मेदारी दी गई। तीन फायरवर्क्स रिजेक्ट होने के बाद वर्कर्स पर अपने ही एक साथी को बाहर करने का जबरदस्त दबाव बना। शुरुआत में अनिश भगत ने खुद बाहर जाने की पेशकश की, लेकिन इसके बाद भी मुश्किलों का सिलसिला नहीं थमा। अगले राउंड में काजल राघवानी से रंगों के चयन में हुई चूक के बाद सभी तीन फायरवर्क्स रिजेक्ट हो गए। इसके बाद मजबूरी में निहारिका तिवारी को शो से बाहर का रास्ता दिखाया गया। इस फैसले से निहारिका काफी भावुक और क्रोधित दिखाई दीं।

निहारिका और गौतम गुलाटी में बहस

निहारिका के बाहर होने के बाद घर के अंदर माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। उनका गुस्सा गौतम गुलाटी पर फूटा और दोनों के बीच तीखी बहस हुई। कायरा अनु ने बीच में आकर शांति बनाने की कोशिश की, लेकिन हालात के दबाव को देखते हुए उन्होंने जल्दी ही खुद को इससे अलग कर लिया। इस पूरे घटनाक्रम ने यह दर्शाया कि टास्क का दबाव केवल एक गेम नहीं है, बल्कि यह हर एक कंटेस्टेंट के मानसिक और भावनात्मक स्तर पर असर डाल रहा है। बेसमेंट के कंटेस्टेंट्स के लिए चुनौती केवल आतिशबाजी बनाना नहीं, बल्कि हर रिजेक्शन के साथ अपने किसी साथी को खोने का डर भी था, जिसने मामूली असहमति को भी बड़े झगड़े में बदल दिया।

प्राइज पॉट और अंतिम परिणाम

टास्क के अंतिम पड़ाव तक आते-आते वर्कर्स को थोड़ी राहत महसूस हुई। चौथे राउंड में तीन फायरवर्क्स और पांचवें राउंड में सभी फायरवर्क्स पास हो गए। हालांकि, इस पूरे टास्क का कुल परिणाम वर्कर्स के लिए नुकसानदेह रहा। उन्होंने कुल 36 फायरवर्क्स बनाए थे, जिनमें से केवल 20 ही मानकों पर खरे उतरे। इस जीत के साथ रूलर्स के प्राइज पॉट में 10 लाख रुपये का इजाफा हो गया। रूलर्स ने अपना पहला प्राइज पॉट टास्क सफलतापूर्वक जीत लिया है, जबकि वर्कर्स पहला तख्ता पलट करने का सुनहरा अवसर चूक गए। वर्तमान में रूलर्स के पास 38 लाख रुपये की बड़ी राशि जमा हो गई है, जबकि वर्कर्स के पास केवल 3.25 लाख रुपये ही बचे हैं। आगामी टास्क में वर्कर्स के लिए यह अंतर कम करना एक बड़ी चुनौती होगी।

टास्क के बाद भी जारी रहा विवाद

टास्क समाप्ति के बाद भी टावर में तनाव कम नहीं हुआ। रूलर्स ने वर्कर्स की मेहनत को देखते हुए भोजन बांटने की पेशकश की, लेकिन बेसमेंट के कंटेस्टेंट्स ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उनका मानना था कि उनके काम को उचित सराहना नहीं मिली, इसलिए उन्होंने खाना लेने से मना कर दिया। काजल राघवानी ने गौतम गुलाटी के योगदान पर निशाना साधा, तो गौतम ने शहजाद की तरफ इशारा करके पल्ला झाड़ लिया। वहीं, मनीष कश्यप ने कायरा अनु का पक्ष लिया और सारा गुरपाल व काजल से आग्रह किया कि वे उनकी कोशिशों की सराहना करें। निहारिका और अनिश ने भी गौतम गुलाटी पर महिलाओं की काबिलियत को कम करके आंकने का आरोप लगाया।

पेंटहाउस में बदल रहे समीकरण

टावर के ऊपरी हिस्से यानी पेंटहाउस में भी रिश्तों के समीकरण बदलते दिख रहे हैं। स्वरा भास्कर ने शहजाद पूनावाला के दृढ़ रुख की सराहना की। वहीं, तेज प्रताप और मनीष की लड़ाई का असर पावर डायनेमिक्स पर स्पष्ट नजर आ रहा है। शहजाद ने प्रियंका चाहर चौधरी को लेकर भी अपनी राय खुलकर रखी, जिन्हें उन्होंने स्वभाव से बेहद संवेदनशील और नार्सिसिस्टिक बताया। कुल मिलाकर, राइज एंड फॉल 2 का यह एपिसोड न केवल प्राइज पॉट की राशि के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने घर के अंदर के व्यक्तिगत रिश्तों में आई दरारों को भी पूरी तरह से उजागर कर दिया है।

आन्या कपूर पाबना के मनोरंजन रिपोर्टर हैं, जो बॉलीवुड, ओटीटी और टेलीविजन की खबरें कवर करते हैं। फिल्मों, वेब सीरीज, सेलिब्रिटी और बॉक्स ऑफिस पर उनकी पैनी नजर रहती है। वे मनोरंजन जगत की हलचल को रोचक अंदाज में दर्शकों तक लाते हैं।

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