राष्ट्रीय राजनीति
9 घंटे पहले
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विपक्षी दलों के प्रदर्शन से गरमाई राजनीति
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में पूरा विपक्ष एकजुट हो गया है। देश की राजधानी दिल्ली समेत कई अन्य शहरों में विपक्षी दलों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने 12 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की घोषणा की है। इस घटनाक्रम को लेकर कानूनी गलियारों और राजनीतिक जगत में भारी हलचल मची हुई है।
हरीश साल्वे ने दी तीखी प्रतिक्रिया
देश के पूर्व सॉलिसिटर जनरल और वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने विपक्ष के इस कदम पर तीखी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इस पूरे प्रदर्शन को परम मूर्खता करार देते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियां न्यायपालिका को अपने राजनीतिक औजार के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही हैं। साल्वे ने साफ तौर पर कहा कि देश की अदालतों को राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।
CJI के इनकार के बाद भी अडिग है विपक्ष
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विपक्षी दलों के नेताओं ने भारत के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत से भेंट करने के लिए समय मांगा था। हालांकि, प्रधान न्यायाधीश ने इस मुलाकात के लिए अपनी असमर्थता जाहिर कर दी थी। इसके बावजूद विपक्षी दल अपने घोषित कार्यक्रम के अनुसार सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की जिद पर अड़े हुए हैं।
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े प्रबंध
विपक्ष के इस संभावित मार्च को देखते हुए दिल्ली प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी तैयारियां पुख्ता कर ली हैं। एहतियात के तौर पर दिल्ली मेट्रो सेवा को भी प्रभावित किया गया है। जानकारी के मुताबिक, राजीव चौक समेत कुल 6 स्टेशनों पर यात्रियों के लिए प्रवेश और निकास की सुविधा को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक था।
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