हरदा में सांप्रदायिक एकता की अनूठी तस्वीर, तीन पीढ़ियों से मुस्लिम परिवार तैयार कर रहा रावण का पुतला मध्य प्रदेश 2 घंटे पहले 5
मध्य प्रदेश के हरदा में विजयादशमी के मौके पर भाईचारे की मिसाल देखने को मिल रही है, जहां एक मुस्लिम परिवार पिछले कई दशकों से रावण दहन के लिए पुतले बनाने का काम पूरी निष्ठा से कर रहा है।

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल

मध्य प्रदेश के हरदा जिले में विजयादशमी का त्योहार सांप्रदायिक सद्भाव की एक बेहतरीन कहानी लेकर आया है। शहर में होने वाले रावण दहन के मुख्य आयोजन के लिए इस बार भी स्थानीय नेहरू स्टेडियम में 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि इस पुतले को तैयार करने की जिम्मेदारी शहर के खेड़ीपुरा मोहल्ले में रहने वाले शेख जहूर खान और शेख सत्तार खान के परिवार ने उठाई है।

तीन पीढ़ियों से जारी परंपरा

यह कोई पहली बार नहीं है जब यह मुस्लिम परिवार रावण का पुतला बना रहा है। खान परिवार पिछले कई दशकों से इस परंपरा को निभाता आ रहा है। वर्तमान में इस काम में परिवार की दूसरी और तीसरी पीढ़ी के सदस्य भी कंधे से कंधा मिलाकर जुटे हुए हैं। पीढ़ियों से चला आ रहा यह सिलसिला इस बात का गवाह है कि कला और आस्था के मामले में धर्म से ऊपर उठकर इंसानियत और भाईचारा कायम है।

कैसे तैयार हो रहा है 51 फीट का पुतला

रावण के विशालकाय पुतले को आकार देने के लिए परिवार के सदस्य पिछले 8 दिनों से दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। पुतले को मजबूती और सही ढांचा देने के लिए वैज्ञानिक और पारंपरिक सामग्रियों का मिश्रण किया गया है। निर्माण प्रक्रिया के बारे में बताते हुए परिवार के सदस्यों ने जानकारी दी कि इसमें मुख्य रूप से इन चीजों का उपयोग किया जा रहा है:

  • बांस की मजबूत खपच्चियां
  • धातु के बने सांचे
  • अमाड़ी के पौधों से तैयार की गई विशेष रस्सियां

नगर पालिका द्वारा आयोजित इस मुख्य कार्यक्रम में रावण का पुतला आकर्षण का केंद्र रहता है, जिसे तैयार करने में खान परिवार की मेहनत हर साल रंग लाती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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