उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के अंतर्गत आने वाले ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक भयानक हादसा हुआ है। बीती रात ग्रेटर नोएडा से आगरा की ओर जा रही एक स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस दुखद दुर्घटना में कुल 8 यात्रियों की जान चली गई है। घटना के समय बस में लगभग 35 यात्री सवार थे, जिससे मौके पर अफरातफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया।
घटना का विवरण और राहत कार्य
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से लगभग 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित जेवर थाना क्षेत्र में घटित हुआ। बस के अंदर आग लगने की भनक लगते ही चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को सड़क के किनारे रोकने का प्रयास किया। ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आग लगने के बाद यात्रियों में भगदड़ मच गई और अपनी जान बचाने के लिए कई यात्रियों ने चलती बस से कूदना शुरू कर दिया।
आग की सूचना मिलने के तुरंत बाद दमकल विभाग की गाड़ियां और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद जलती हुई बस पर काबू पाया। हालांकि, अभी भी प्रशासन की ओर से चिंता जताई जा रही है कि कुछ अन्य लोग बस के भीतर फंसे हो सकते हैं। दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बस इतनी बुरी तरह जल चुकी है कि पूरी तरह से कूलडाउन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंदर तलाशी ली जा सकेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान
ग्रेटर नोएडा में हुए इस दर्दनाक सड़क हादसे का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार:
- मुख्यमंत्री ने इस घटना में जान गंवाने वाले मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।
- उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं कि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाकर उनका समुचित और बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए।
- मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को यह भी आदेश दिए हैं कि मृतकों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें हर संभव सरकारी सहायता और राहत प्रदान की जाए।
- साथ ही, मुख्यमंत्री ने हादसे में घायल हुए सभी यात्रियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
फिलहाल घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात है और राहत एवं बचाव अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। अधिकारियों की प्राथमिकता बस के भीतर फंसे संभावित शवों को बाहर निकालना और घायलों को इलाज मुहैया कराना है। इस हादसे के चलते एक्सप्रेसवे पर यातायात भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ था, जिसे अब बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि चलती बस में आग लगने के पीछे की मुख्य तकनीकी वजह क्या थी।
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