पंजाब
एक घंटा पहले
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पंजाब में अवैध रेत खनन का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। इस बार राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने खुद मोर्चा संभाला है। वे आधी रात के बाद कैमरे के साथ जालंधर के नकोदर इलाके में पहुंचे, जहां सतलुज नदी के किनारे बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन का काम चल रहा था। चन्नी ने मौके पर जाकर न केवल रेत माफिया के कई ट्रकों को पकड़ा, बल्कि वहां काम कर रहे मजदूरों को भी रंगे हाथों धर दबोचा। पूर्व मुख्यमंत्री के इस औचक छापे के बाद पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है।
आधी रात को सतलुज के किनारे चन्नी का औचक निरीक्षण
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी आधी रात के बाद जालंधर के नकोदर क्षेत्र में पहुंचे। यह क्षेत्र सतलुज नदी के किनारे बसा हुआ है और यहां लंबे समय से अवैध बालू खनन की शिकायतें आ रही थीं। चन्नी ने खुद इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग की और दिखाया कि कैसे रात के अंधेरे में बेखौफ होकर रेत माफिया सक्रिय हैं। उन्होंने वहां रेत से लदे ट्रकों और काम कर रहे मजदूरों को पकड़कर सीधे राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा।
भगवंत मान सरकार की शह पर हो रहा अवैध खनन: चन्नी
घटनास्थल से ही चन्नी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा अवैध धंधा राज्य सरकार और मुख्यमंत्री की मिलीभगत से चल रहा है। चन्नी ने कहा कि मानसून के मौसम में रेत खनन पर पूरी तरह से रोक होती है, और रात के समय खनन करना कानूनन अपराध है। इसके बावजूद हर रात सैकड़ों ट्रकों में रेत भरकर निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि इस अवैध खनन से पंजाब के खजाने को भारी नुकसान हो रहा है, क्योंकि सरकार को इससे कोई राजस्व नहीं मिल रहा है। चन्नी के अनुसार, रेत माफिया मिलकर पंजाब के प्राकृतिक संसाधनों को लूट रहे हैं।
आम आदमी पार्टी ने चन्नी के दावों को नकारा
दूसरी तरफ, सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। नकोदर जिला परिषद के अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी के नेता दर्शन सिंह ने इस छापेमारी को महज एक नाटक बताया। दर्शन सिंह ने कहा कि चन्नी केवल वर्तमान सरकार को बदनाम करने के लिए यह सब ढोंग कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता आम आदमी पार्टी की पारदर्शी नीतियों के साथ खड़ी है और चन्नी के इन झूठे आरोपों का सरकार की छवि पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अवैध खनन का सच और चुनावी मौसम की राजनीति
यह बात सच है कि पंजाब में अवैध रेत खनन एक बड़ी और गंभीर समस्या बनी हुई है, लेकिन चन्नी की इस रात की कार्रवाई पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आलोचकों का मानना है कि इस छापे में रेत माफिया पर लगाम लगाने की चिंता कम और राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश अधिक दिखाई दे रही है। पंजाब में आगामी चुनावों को देखते हुए सभी दल अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। चाहे कांग्रेस के राजा वडिंग हों, चरणजीत सिंह चन्नी हों, शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल हों या फिर भारतीय जनता पार्टी के रवनीत सिंह बिट्टू, सभी नेता खुद को जनता का मसीहा दिखाने की होड़ में लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर इन नेताओं ने राज्य की बुनियादी समस्याओं का समाधान निकालने के बजाय केवल सियासी ड्रामा किया, तो इससे पंजाब में कट्टरपंथी ताकतों को बढ़ावा मिल सकता है, जो देश की सुरक्षा और शांति के लिए बेहद खतरनाक साबित होगा।
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