14 साल की उम्र में कमाल: आश्रित तल्लूरी ने SAT परीक्षा में हासिल किए परफेक्ट 1600 अंक करियर 2 घंटे पहले 6
जॉर्जिया के 14 वर्षीय भारतीय मूल के छात्र आश्रित तल्लूरी ने SAT परीक्षा में 1600 में से 1600 अंक प्राप्त कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनकी यह सफलता उनकी मेहनत और भविष्य में मेडिकल व टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कुछ अलग करने के उनके जज्बे को दर्शाती है।

मेधावी छात्र ने रचा इतिहास

प्रतिभा किसी भी उम्र की मोहताज नहीं होती है, यह बात एक बार फिर साबित कर दिखाई है अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में रहने वाले 14 वर्षीय भारतीय मूल के छात्र आश्रित तल्लूरी ने। आश्रित ने दुनिया भर में चर्चित और चुनौतीपूर्ण मानी जाने वाली SAT परीक्षा में 1600 में से 1600 अंक हासिल करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वर्तमान में वे 9वीं कक्षा के छात्र हैं और उनकी यह कामयाबी न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि शिक्षा जगत के लिए भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण उपलब्धि

कॉलेज बोर्ड द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, SAT परीक्षा में 1600 का स्कोर प्राप्त करना अत्यंत दुर्लभ माना जाता है। इतनी कम आयु में इस कठिन परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करना यह स्पष्ट करता है कि आश्रित का बौद्धिक स्तर काफी उच्च है और उनके भविष्य के लक्ष्य बहुत ही स्पष्ट हैं। अपनी इस सफलता का श्रेय वे अपनी कड़ी मेहनत, निरंतर अनुशासन और सही दिशा में की गई तैयारी को देते हैं।

शिक्षा का सफर और शैक्षणिक रिकॉर्ड

आश्रित तल्लूरी की शैक्षणिक यात्रा काफी प्रेरणादायक रही है। वे बचपन से ही अपने हमउम्र बच्चों से कहीं आगे रहे हैं। उन्होंने मिडिल स्कूल के दौरान ही अपनी असाधारण क्षमता का परिचय देते हुए 14.5 हाईस्कूल क्रेडिट्स हासिल कर लिए थे। उनकी इसी प्रतिभा के कारण उन्हें प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और राइस यूनिवर्सिटी जैसे विश्व के टॉप संस्थानों के कॉलेज स्तर के समर प्रोग्राम्स में भाग लेने का अवसर मिला। उनके पिता और स्कूल के मार्गदर्शन करने वाले शिक्षकों ने उनकी काबिलियत को समय रहते पहचाना और उन्हें SAT परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया।

तैयारी की पुख्ता रणनीति

आश्रित ने इस मुकाम को हासिल करने के लिए जनवरी 2026 में परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। उन्होंने लगभग 5 महीने तक बेहद गंभीरता के साथ पढ़ाई की। अपनी तैयारी के दौरान उन्होंने प्रोफेशनल ट्यूटर्स की सहायता ली, इंटरनेट पर मौजूद विभिन्न स्टडी मटीरियल का उपयोग किया और अपनी गति व सटीकता सुधारने के लिए 28 से अधिक प्रैक्टिस टेस्ट्स सॉल्व किए। उनकी तैयारी का स्तर इस बात से समझा जा सकता है कि मुख्य परीक्षा से पहले ही उन्होंने तीन अलग-अलग प्रैक्टिस टेस्ट्स में 1600 में से 1600 अंक हासिल कर लिए थे। अंततः जून में हुई वास्तविक परीक्षा के बाद उनके शानदार स्कोर की पुष्टि हुई।

भविष्य की ओर कदम और अन्य रुचियां

फिलहाल आश्रित फुटन काउंटी की इनोवेशन एकेडमी में 9वीं कक्षा के छात्र हैं। वे केवल किताबी पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे डुअल एनरोलमेंट के माध्यम से कॉलेज स्तर के कोर्सेज की भी पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाई के अलावा उनकी रुचि अटलांटा में आयोजित होने वाली हैकाथॉन प्रतियोगिताओं में भाग लेने में भी है। इसके साथ ही वे शतरंज खेलने और एविएशन जैसे विषयों में गहरी रुचि रखते हैं।

मेडिकल और एआई तकनीक का मिश्रण

आश्रित का लक्ष्य भविष्य में एक न्यूरोसर्जन बनना है। उनकी योजना मेडिकल साइंस और टेक्नोलॉजी को आपस में जोड़ने की है। उन्होंने पहले ही CerebroAegis नामक एक प्रोजेक्ट पर काम किया है। यह एक AI आधारित तकनीक है जो स्मार्टफोन सेंसर का उपयोग करके संभावित स्ट्रोक की स्क्रीनिंग करने में मदद करती है। हालांकि यह किसी प्रोफेशनल मेडिकल डायग्नोसिस का विकल्प नहीं है, लेकिन कम उम्र में इस तरह के तकनीकी प्रोजेक्ट पर काम करना उनकी दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। वे न केवल खुद पढ़ रहे हैं, बल्कि अन्य छात्रों के लिए अभ्यास प्रश्न तैयार करने में भी योगदान दे रहे हैं।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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