PSEB बोर्ड परीक्षा 2027: परीक्षा फॉर्म के लिए तारीखों का ऐलान, समय सीमा चूके तो होगी सख्त कार्रवाई करियर 2 घंटे पहले 5
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के लिए फॉर्म भरने और फीस जमा करने का कार्यक्रम जारी कर दिया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि तय समय के भीतर प्रक्रिया पूरी न करने वाले स्कूलों और उनके प्रमुखों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पंजाब बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी शुरू

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड यानी PSEB ने शैक्षणिक वर्ष 2027 की 10वीं और 12वीं की नियमित परीक्षाओं के आयोजन को लेकर अपनी तैयारी तेज कर दी है। बोर्ड द्वारा फरवरी और मार्च 2027 में आयोजित होने वाली इन परीक्षाओं के लिए परीक्षा फॉर्म भरने और निर्धारित शुल्क जमा करने का विस्तृत शेड्यूल घोषित कर दिया गया है। बोर्ड ने इस बार प्रक्रिया को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे तय समय सीमा का कड़ाई से पालन करें।

लॉगिन आईडी के माध्यम से मिलेगी जानकारी

बोर्ड की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, सभी संबंधित स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को अपने आधिकारिक लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग करना होगा। परीक्षा फॉर्म जमा करने की पूरी प्रक्रिया और फीस से जुड़ी विस्तृत जानकारी बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। इन संस्थानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी लॉगिन आईडी के जरिए पोर्टल पर जाकर निर्धारित समय चक्र को अच्छी तरह देख लें और उसी के अनुसार अपने विद्यार्थियों के फॉर्म भरवाएं।

स्कूल प्रमुखों की तय होगी जवाबदेही

इस वर्ष बोर्ड ने प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोकने के लिए सख्त रुख अपनाया है। PSEB ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म भरने और फीस जमा करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से संबंधित स्कूल प्रशासन और वहां के प्रमुखों की होगी। यह अनिवार्य है कि सभी पात्र विद्यार्थियों के आवेदन और फीस बोर्ड द्वारा निर्धारित अंतिम तिथि तक जमा हो जाएं। यदि किसी भी कारण से निर्धारित समय सीमा के भीतर यह काम पूरा नहीं किया जाता है, तो इसके लिए स्कूल प्रमुख को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा।

नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी

बोर्ड ने उन संस्थानों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है जो निर्धारित शेड्यूल का पालन करने में विफल रहते हैं। निर्देशों को नजरअंदाज करने वाले एफिलिएटेड या संबंधित संस्थानों के खिलाफ मौजूदा नियमों और एफिलिएशन रेगुलेशन के प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसका सीधा अर्थ है कि विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा से जुड़ी औपचारिकताओं में होने वाली देरी के लिए अब स्कूल प्रबंधन को न केवल जवाब देना होगा, बल्कि अनुशासनात्मक परिणाम भी भुगतने पड़ सकते हैं।

सरकारी स्कूलों के लिए विशेष निर्देश

सरकारी स्कूलों के मामले में भी बोर्ड ने प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है। यदि कोई सरकारी स्कूल बोर्ड द्वारा तय किए गए निर्देशों का पालन समय पर नहीं करता है, तो इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीधे शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। ऐसे मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन, एलीमेंट्री या सेकेंडरी के स्तर पर संचालित की जाएगी। बोर्ड के इन स्पष्ट निर्देशों से साफ है कि सरकारी स्कूलों में भी अब परीक्षा संबंधी प्रशासनिक कार्यों को टालने की गुंजाइश नहीं है।

प्रिंसिपल और हेड टीचर पर हो सकती है कार्यवाही

बोर्ड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तय समय सीमा का पालन न होने की स्थिति में संबंधित स्कूल के प्रिंसिपल या हेड टीचर को सीधे तौर पर उत्तरदायी ठहराया जाएगा। विभागीय स्तर पर होने वाली यह कार्रवाई नियमों के दायरे में होगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में किसी भी विद्यार्थी का भविष्य स्कूल प्रशासन की देरी के कारण संकट में न पड़े। एसएएस नगर स्थित बोर्ड कार्यालय से 5 अक्टूबर को जारी की गई इस जानकारी के बाद सभी स्कूलों को अब जल्द से जल्द अपनी आगामी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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