दिल्ली के पीतमपुरा में रामलीला विसर्जन के दौरान खूनी खेल, दोस्त को बचाने आए 16 वर्षीय किशोर की हत्या क्राइम एक घंटा पहले 5
दिल्ली के मौर्य एन्क्लेव इलाके में एक पुरानी रंजिश के चलते रामलीला विसर्जन के दौरान दो दोस्तों पर चाकुओं से हमला किया गया, जिसमें एक किशोर की मौत हो गई। हालांकि मामला पहले थाने में सुलझ चुका था, लेकिन फिर भी आरोपियों ने बेरहमी से घटना को अंजाम दिया।

पीतमपुरा में रामलीला विसर्जन के दौरान खूनी वारदात

दिल्ली के पीतमपुरा स्थित मौर्य एन्क्लेव इलाके में रामलीला विसर्जन के दौरान हुई एक खूनी वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक पुरानी रंजिश के चलते आधा दर्जन हमलावरों ने दो दोस्तों पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस दुखद घटना में अपने दोस्त आशू को बचाने की कोशिश करने वाले 16 साल के अरुण की जान चली गई, जबकि दूसरा युवक आशू बुरी तरह से घायल है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त है। स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने मामले में 4 संदिग्ध किशोरों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

समझौते के बावजूद नहीं थमी दुश्मनी

पीड़ित परिवार के अनुसार, इस पूरी खूनी घटना की जड़ करीब एक साल पुराना एक विवाद है। घायल आशू की बुआ ने जानकारी दी कि लगभग एक वर्ष पूर्व आशू का एक लड़की के साथ रिश्ता था, जिसके चलते इंस्टाग्राम पर दोनों पक्षों के बीच काफी वाद-विवाद और गाली-गलौज हुई थी। उस समय यह मामला पुलिस तक पहुंचा था, जहां दोनों पक्षों ने माफी मांगी और आपस में समझौता कर लिया था। हालांकि, यह समझौता केवल कागजों तक ही सीमित रहा। परिवार का आरोप है कि उसी लड़की से जुड़े एक अन्य युवक ने आशू के साथ अपनी पुरानी दुश्मनी जारी रखी और मौका मिलते ही बदले की आग में इस हत्या को अंजाम दिया।

रामलीला विसर्जन देखने गए थे दोनों दोस्त

घटना उस समय हुई जब मौर्य एन्क्लेव थाना क्षेत्र के पीयू ब्लॉक, पीतमपुरा स्थित रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में लोग रामलीला विसर्जन देखने के लिए एकत्रित हुए थे। अरुण और उसका दोस्त आशू भी उसी भीड़ में शामिल थे। दोनों को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वे किसी साजिश का शिकार होने वाले हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब 6 युवकों ने अचानक वहां पहुंचकर आशू को घेर लिया और उस पर चाकू से वार करना शुरू कर दिया। जब अरुण ने अपने दोस्त को हमलावरों के चंगुल से छुड़ाने और उसे बचाने की कोशिश की, तो हत्यारों ने उसे भी अपने निशाने पर ले लिया।

दोस्त को बचाने की मिली सबसे बड़ी सजा

हमले के दौरान दोनों युवकों पर चाकू के इतने घाव किए गए कि वे लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े। अचानक हुई इस हिंसा से वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और विसर्जन देखने आए लोग दहशत में आ गए। हमले में अरुण और आशू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आसपास के लोगों की मदद से उन्हें तुरंत नजदीकी अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने 16 साल के अरुण को मृत घोषित कर दिया। वहीं, आशू की हालत भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है। उसकी जांघ और शरीर के अन्य हिस्सों पर चाकू के गहरे जख्म हैं। आशू की मां का कहना है कि उनका बेटा अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।

पुलिस कार्रवाई और परिजनों का गुस्सा

घटना के बाद परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने पूरी प्लानिंग के साथ इस वारदात को अंजाम दिया है। परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर मौर्य एन्क्लेव थाने का घेराव कर दिया और सड़क जाम कर अपना रोष प्रकट किया। भीड़ आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई की और अब तक 4 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि अभी जांच जारी है और विवाद की असल वजह का पता लगाने के साथ-साथ अन्य हमलावरों की पहचान की जा रही है। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रित रहे।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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