दिल्ली: जंतर-मंतर पर सड़क पर लेटी महिला, पुलिस से बोली- 'विजय थलपति को बुलाओ, उन्हें गले लगाना है' राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 4
दिल्ली के जंतर-मंतर से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक महिला सड़क पर लेटकर अभिनेता विजय थलपति से मिलने की जिद करती दिख रही है। यह वाकया उसी इलाके का है जहां हाल ही में चुनाव आयोग के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए गए थे।

सड़क पर लेटी महिला का अजीबोगरीब व्यवहार

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर अक्सर प्रदर्शनों और नारों की गूंज से भरा रहता है, लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ जिसने वहां की गंभीरता को ही बदल दिया। वायरल फुटेज में देखा जा सकता है कि एक महिला दिल्ली की व्यस्त सड़क पर लेटी हुई है और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को लगातार निर्देश दे रही है। महिला का व्यवहार देखकर वहां खड़े लोग भी असमंजस में पड़ गए क्योंकि उसकी मांग पूरी तरह से फिल्मी थी।

वीडियो में महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह अभिनेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलपति को बुलाना चाहती है। उसका कहना था कि जब तक विजय थलपति वहां नहीं आते और वह उन्हें गले नहीं लगा लेती, तब तक वह सड़क से नहीं हटेगी। जब पुलिसकर्मियों ने उसे वहां से उठाने का प्रयास किया, तो वह जोर-जोर से चिल्लाकर कहने लगी कि उसे कोई हाथ न लगाए। महिला की यह जिद सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।

घटना की तारीख और सच्चाई

इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर काफी भ्रम की स्थिति देखी गई। कई लोगों ने इसे हाल ही में हुए चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शनों से जोड़कर देखा। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटनाक्रम 29 सितंबर 2026 का है। यह उस बड़े विरोध प्रदर्शन से पूरी तरह अलग है जो 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुआ था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस वीडियो के साथ लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और इसे वायरल कर रहे हैं।

2 अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन

जिस दिन जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन हुआ, उस दौरान वहां का माहौल बिल्कुल अलग था। विपक्षी राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। प्रदर्शनकारियों का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर था। प्रदर्शन में शामिल लोगों का आरोप था कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सुनियोजित तरीके से हटाए जा रहे हैं।

हालांकि, भारत निर्वाचन आयोग ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। आयोग का स्पष्ट कहना है कि मतदाता सूची में किया जा रहा कोई भी बदलाव पूरी तरह से तय प्रक्रिया और नियमों के दायरे में रहकर किया जा रहा है।

700 से अधिक लोगों की हिरासत

प्रदर्शन के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी रही। दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी है कि जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों से 700 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। इस कार्रवाई में आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेताओं को भी हिरासत में लिया गया, जिनमें आतिशी, सौरभ भारद्वाज, संजीव झा और संजय सिंह के नाम शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि इस प्रदर्शन के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे इलाके में भारी बैरिकेडिंग की गई थी और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें अलग-अलग बिंदुओं पर रोक दिया और अंततः उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

एक तरफ राजनीति, दूसरी तरफ वायरल वीडियो

एक ओर जहां जंतर-मंतर मतदाता सूची और चुनाव आयोग को लेकर गंभीर राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ था, वहीं दूसरी ओर इसी इलाके का वह वीडियो इंटरनेट पर एक अलग ही चर्चा छेड़ गया। एक महिला का अपनी जिद पर अड़े रहना और फिल्मी सितारे से मिलने की मांग करना राजनीतिक गहमागहमी के बीच एक अलग ही तमाशा बन गया। पुलिस अंततः महिला को समझा-बुझाकर और सावधानी के साथ सड़क से हटाने में कामयाब रही, लेकिन इस पूरी घटना ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह वाकया सोशल मीडिया पर लगातार अपनी जगह बनाए हुए है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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