सुबोध उनियाल कौन हैं, जिन्होंने मंच पर दलेर मेहंदी को लगाई फटकार? जानें उनके सियासी सफर की पूरी कहानी उत्तराखंड एक घंटा पहले 5
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल हाल ही में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में गायक दलेर मेहंदी को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाने के बाद चर्चा में हैं। इस विवाद के बीच उनके राजनीतिक सफर और अब तक के करियर पर एक नजर।

टिहरी में मंच पर क्यों मचा बवाल?

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल इस समय एक बड़े विवाद के केंद्र में हैं। मामला 18 अक्टूबर को टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर में आयोजित मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम का है। इस दौरान मंच से मंत्री सुबोध उनियाल ने मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी को खरी-खोटी सुनाई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद कला जगत से तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। गायक मीका सिंह ने दलेर मेहंदी का बचाव करते हुए यहाँ तक कह दिया है कि अगर कोई यह साबित कर दे कि दलेर पाजी शराब का सेवन करते हैं, तो वे हमेशा के लिए गाना छोड़ देंगे। दूसरी ओर, उत्तराखंड में कई लोग मंत्री के समर्थन में भी खड़े हैं, जिनका तर्क है कि यदि गायक की तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम से पहले ही इसकी जानकारी आयोजकों को देनी चाहिए थी।

कौन हैं सुबोध उनियाल?

विवादों के बीच हर कोई यह जानना चाह रहा है कि सुबोध उनियाल कौन हैं। उनका जन्म 26 जुलाई 1960 को टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर इलाके में हुआ था। सुबोध उनियाल की पहचान उत्तराखंड की राजनीति में एक कद्दावर नेता के रूप में होती है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस के साथ की थी। उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद से ही वे पार्टी के सांगठनिक ढांचे में काफी सक्रिय रहे और धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत की।

कांग्रेस से बीजेपी तक का सफर

सुबोध उनियाल का चुनावी सफर वर्ष 2002 में शुरू हुआ, जब उन्होंने नरेंद्रनगर विधानसभा सीट से जीत हासिल की और पहली बार विधायक बने। हालांकि, 2007 के विधानसभा चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और 2012 में फिर से जीत दर्ज कर सदन में वापसी की। उनके राजनीतिक करियर का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ 2016 में आया, जब उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। उस वक्त राज्य में हरीश रावत की सरकार गहरे राजनीतिक संकट से जूझ रही थी और सुबोध उनियाल विजय बहुगुणा के नेतृत्व में बागी हुए विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए।

विजय बहुगुणा से करीबी संबंध

सुबोध उनियाल के राजनीतिक सफर में पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा के मार्गदर्शन की अहम भूमिका मानी जाती है। कांग्रेस छोड़ने के समय उनकी विजय बहुगुणा के साथ राजनीतिक निकटता चर्चा का विषय बनी थी। पार्टी बदलने के बाद भी उनका प्रभाव कम नहीं हुआ। 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने लगातार बीजेपी के टिकट पर नरेंद्रनगर सीट से जीत हासिल की और राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद तक पहुंचे। वर्तमान में वे उत्तराखंड सरकार का एक प्रमुख चेहरा बने हुए हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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