उत्तराखंड में मौसम का बदला मिजाज: देहरादून से उत्तरकाशी तक बादलों का पहरा, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट उत्तराखंड 2 घंटे पहले 3
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में आज मौसम विभाग ने बारिश और आकाशीय बिजली का येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि मैदानी इलाकों में खिली धूप के साथ उमस बढ़ने की संभावना है।

उत्तराखंड में मौसम का ताजा अपडेट

उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता में भले ही कमी आई हो, लेकिन पर्वतीय जिलों में बादलों का बसेरा अभी भी बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र ने 19 सितंबर के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में विशेष चेतावनी जारी की है। विभाग ने राजधानी देहरादून के साथ ही टिहरी, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।

मैदानी इलाकों में धूप और उमस का असर

पहाड़ी जिलों के विपरीत, राज्य के मैदानी इलाकों का नजारा बिल्कुल अलग है। हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे जनपदों में आज मौसम के पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। यहां दिनभर धूप खिली रहेगी, जिसके कारण वातावरण में नमी और उमस का अहसास लोगों को परेशान कर सकता है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हुई बारिश के बाद अब इन मैदानी इलाकों में राहत मिली है, हालांकि तापमान में बढ़ोतरी से दिन के समय गर्मी का स्तर बढ़ रहा है।

देहरादून और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति

राजधानी देहरादून और इसके सीमावर्ती पर्वतीय इलाकों में आज बादल छाए रहने का अनुमान है। दून घाटी के अलावा विकासनगर और मसूरी के आस-पास के क्षेत्रों में दोपहर के बाद या शाम के समय बारिश की बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि भले ही मूसलाधार बारिश का कोई संकेत नहीं है, लेकिन तेज हवाओं के साथ मौसम में अचानक बदलाव आ सकता है। बिजली कड़कने की घटनाओं को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत दी गई है। हालांकि, इन बौछारों से तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे निवासियों को गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

पर्वतीय जिलों में सतर्कता की अपील

उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और टिहरी जैसे चारधाम यात्रा मार्ग से जुड़े प्रमुख जिलों में मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है। इन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। आईएमडी की चेतावनी का मुख्य फोकस आकाशीय बिजली है, इसलिए लोगों को पेड़ों के नीचे या खुले स्थानों पर रुकने से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, पहाड़ी सड़कों पर हल्की बारिश के दौरान भूस्खलन और पत्थरों के गिरने का खतरा बना रहता है, जिसे देखते हुए वाहन चालकों को बेहद सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

हरिद्वार और उधम सिंह नगर में मौसम

पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अब हरिद्वार और उधम सिंह नगर (रुद्रपुर, काशीपुर, खटीमा) में मौसम का रुख बदल गया है। यहां बारिश का दौर फिलहाल थम चुका है, जिससे धूप निकलने के कारण तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है। दिन के समय लोगों को चिपचिपी गर्मी और पसीने का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन राहत की बात यह है कि सुबह और शाम के समय चलने वाली ठंडी हवाएं अब गुलाबी ठंडक का अहसास कराने लगी हैं। यह बदलाव लोगों को दिनभर की उमस के बाद बड़ी राहत प्रदान कर रहा है।

24 सितंबर तक का विस्तृत पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी अपनी रिपोर्ट जारी की है। सीमांत जिले जैसे चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में आज छिटपुट फुहारें जारी रहने की संभावना है। विभाग के पांच-दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, 20 सितंबर से लेकर 24 सितंबर तक उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में छिटपुट जगहों पर बहुत हल्की से लेकर हल्की बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। वहीं, राज्य के अन्य जनपदों जैसे देहरादून, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में 20 सितंबर से मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।

निष्कर्ष

पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे उत्तराखंड में मानसूनी गतिविधियों में कमी देखी गई है, लेकिन स्थानीय मौसमी बदलाव अभी भी कुछ स्थानों पर बारिश और बिजली गिरने का कारण बन रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक स्थानीय स्तर पर होने वाले इन बदलावों पर निरंतर नजर रखे हुए हैं। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सुझाव दिया गया है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले ताजा मौसम बुलेटिन जरूर देखें और पहाड़ी क्षेत्रों में सावधानी बरतें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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