उत्तराखंड का मौसम: मानसून की विदाई के बाद भी जारी है आफत, 9 जिलों में बारिश और बर्फबारी का येलो अलर्ट उत्तराखंड 3 घंटे पहले 4
देवभूमि उत्तराखंड में भले ही मानसून वापस चला गया हो, लेकिन मौसम की मार थमी नहीं है। मौसम विभाग ने राज्य के 9 जिलों के लिए चेतावनी जारी करते हुए बारिश, आंधी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है।

मानसून की विदाई पर भी थम नहीं रहा बारिश का सिलसिला

देवभूमि उत्तराखंड में मानसून के आधिकारिक रूप से विदा हो जाने के बावजूद आसमानी आफत का सिलसिला लगातार जारी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हो रही भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में चल रही तेज आंधी-तूफान के बीच मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के 9 जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। देहरादून और नैनीताल समेत इन संवेदनशील क्षेत्रों में बिजली कड़कने और झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश होने का येलो अलर्ट घोषित किया गया है। हेमकुंड साहिब जैसे तीर्थ स्थलों पर कपाट बंद होने से पहले ही बर्फ की मोटी सफेद चादर बिछ चुकी है, वहीं मैदानी इलाकों में तेज बारिश के कारण तापमान में काफी गिरावट देखी जा रही है, जिससे लोगों को ठंड का अहसास होने लगा है।

इन 9 जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग के देहरादून केंद्र ने आज 08 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के कई जिलों के लिए आंधी, जोरदार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, जिन जिलों में यह अलर्ट लागू है उनमें देहरादून, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चम्पावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ मुख्य रूप से शामिल हैं। इन जिलों के अलग-अलग क्षेत्रों में गर्जना के साथ बिजली चमकने और तेज हवाओं के चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने आम लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है। इसके अलावा, पर्वतीय इलाकों में 4200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर ताजा बर्फबारी होने की प्रबल संभावना है, जबकि निचले इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि आगामी 09 अक्टूबर को भी देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।

नैनीताल और हल्द्वानी में बिगड़े हालात

नैनीताल जिले में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। मौसम विभाग ने यहां भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसके साथ गरज-चमक और तेज बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है। यहाँ भी हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। याद रहे कि इससे ठीक पहले बुधवार, 07 अक्टूबर की शाम को हल्द्वानी और आसपास के तराई-भाबर क्षेत्रों में अचानक आए आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया था, जिससे कई जगह कामकाज पर असर पड़ा था।

देहरादून और टिहरी में तूफानी हवाओं का जोर

राजधानी देहरादून और उसके निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्र टिहरी गढ़वाल में भी 08 अक्टूबर के दिन मौसम खराब रहने की पूरी संभावना है। मौसम केंद्र के अनुसार दून घाटी और टिहरी के कई इलाकों में गर्जना के साथ बिजली कड़कने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, इन रुक-रुक कर होने वाली बारिश से राजधानी में बीते कुछ दिनों से महसूस की जा रही उमस और गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, लेकिन शाम होते ही तापमान में गिरावट आने से गुलाबी ठंड अपना असर दिखाना शुरू कर देगी।

हेमकुंड साहिब में शीतकालीन बर्फबारी

सीमांत जिला चमोली इस समय पूरी तरह से शीतकालीन मौसम की चपेट में है। प्रसिद्ध तीर्थ हेमकुंड साहिब में बीते 06 अक्टूबर से रुक-रुक कर बर्फबारी का दौर चल रहा है, जो 07 अक्टूबर की दोपहर बाद काफी तेज हो गया था। यह स्थिति तब बनी है जब आगामी 10 अक्टूबर को हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाने की तैयारी चल रही है। कपाट बंदी से पहले ही पूरे धाम परिसर पर बर्फ की मोटी परत जम चुकी है और यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

उत्तरकाशी से रुद्रप्रयाग तक बिगड़ा मौसम

उत्तरकाशी जिले में मौसम ने बुधवार 07 अक्टूबर की शाम से ही अचानक करवट ले ली थी। शाम ढलते ही तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने दस्तक दी, जिससे पारे में गिरावट आई। 08 अक्टूबर को भी जिले के निचले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात के आसार बने हुए हैं। स्थानीय लोगों ने अब भारी ऊनी कपड़े निकाल लिए हैं। वहीं, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भी मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और झोंकेदार हवाएं चलने का येलो अलर्ट दिया है। पिथौरागढ़ और बागेश्वर की चोटियों पर बर्फबारी की स्थिति है और 09 अक्टूबर को पिथौरागढ़ में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। जिला प्रशासन को भूस्खलन और मलबे की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

9 से 13 अक्टूबर तक का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी:

  • 09 और 10 अक्टूबर: उत्तराखंड के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।
  • ऊंचाई वाले क्षेत्र: 3800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी की संभावना है।
  • भारी बारिश का अलर्ट: 09 अक्टूबर को देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ में भारी बारिश हो सकती है।
  • 11 और 12 अक्टूबर: हरिद्वार और उधम सिंह नगर जिलों में मौसम शुष्क होने की उम्मीद है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में छिटपुट बारिश और बर्फबारी बनी रहेगी।
  • 13 अक्टूबर: केवल उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में ही हल्की बारिश व बर्फबारी के आसार हैं।
अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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