शारदीय नवरात्रि 2026: जानिए हर दिन के लिए शुभ रंग और उनका धार्मिक महत्व धर्म 4 घंटे पहले 2
नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा के साथ विशेष रंगों के वस्त्र पहनने की परंपरा है। अयोध्या के ज्योतिषाचार्य के अनुसार, ये रंग सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल प्रदान करते हैं।

नवरात्रि और रंगों का गहरा संबंध

नवरात्रि का पावन पर्व भक्ति और शक्ति का संगम माना जाता है। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के दौरान विशेष रंगों के वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के अनुसार, नवरात्रि के हर दिन का अपना एक विशिष्ट रंग होता है, जो देवी की कृपा और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने में सहायक होता है।

पहले और दूसरे दिन के लिए शुभ रंग

शारदीय नवरात्रि में प्रतिपदा से लेकर नवमी तक की तिथियों के अनुसार वस्त्रों का चयन किया जाता है। इन रंगों के चुनाव के पीछे आध्यात्मिक और मानसिक शांति के गहरे कारण छिपे हैं:

  • पहला दिन: नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की उपासना की जाती है। इस दिन नारंगी रंग के वस्त्र धारण करना बहुत शुभ माना गया है।
  • दूसरा दिन: नवरात्रि के दूसरे दिन सफेद रंग को प्राथमिकता दी जाती है। हिंदू धर्म में सफेद रंग को शांति, सादगी और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।

क्यों महत्वपूर्ण हैं नवरात्रि के ये रंग

ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि नवरात्रि के दौरान देवी की भक्ति में लीन होकर शुभ रंगों के कपड़े पहनने से मन में सकारात्मकता बनी रहती है। हर रंग एक विशेष ऊर्जा का संचार करता है जो साधक को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। इन नौ दिनों में देवी के नौ रूपों को समर्पित रंगों को धारण करना न केवल परंपरा का हिस्सा है, बल्कि यह ईश्वर के प्रति समर्पण और शुद्धि का भी एक माध्यम है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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