राष्ट्रीय राजनीति
2 घंटे पहले
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प्रदर्शन की तैयारी और दिल्ली पुलिस की नई गाइडलाइंस
राजधानी दिल्ली में एक बार फिर से सियासी हलचल तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी ने रविवार 11 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर दोबारा विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और एक नई ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह 6 बजे से ही नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के करीब 30 प्रमुख चौराहों, फ्लाईओवरों और व्यस्त मार्गों पर यातायात प्रभावित रहने की संभावना है।
बीते दिन का घटनाक्रम और नेताओं की हिरासत
शनिवार को भी कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन की योजना बनाई थी, लेकिन दिल्ली पुलिस की सतर्कता के कारण यह पूरी तरह से विफल रहा। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही हिरासत में ले लिया गया था। वहीं, गुरुग्राम से ध्रूव राठी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। इस मामले में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को भी पुलिस ने डिटेन किया था। ये सभी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पहुंच रहे थे। शनिवार को सुरक्षा व्यवस्था के चलते कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया था, मेट्रो सेवाएं रोक दी गई थीं और कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट की सुविधा भी बाधित थी।
अजिंक्य शिंदे संभालेंगे आंदोलन की कमान
हिरासत में लिए जाने से पहले, अभिजीत दीपके ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अजिंक्य शिंदे को कॉकरोच जनता पार्टी का नया कार्यकारी नेता नियुक्त करने की घोषणा की थी। शनिवार के असफल प्रदर्शन के बाद, अब अजिंक्य शिंदे ने रविवार 11 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इस घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस एक बार फिर अलर्ट मोड पर आ गई है।
यातायात पर क्या पड़ेगा असर
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, रविवार को राजधानी के अनेक प्रमुख पॉइंट्स पर यातायात सामान्य नहीं रहेगा। जिन इलाकों में सबसे अधिक असर पड़ने की आशंका है, उनमें कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर और संसद मार्ग का इलाका शामिल है। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रैफिक की स्थिति की जांच अवश्य कर लें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यातायात के डायवर्जन और रास्तों को बंद करने का फैसला घटनास्थल की वास्तविक परिस्थितियों के अनुसार मौके पर ही लिया जाएगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे वैकल्पिक मार्गों का चुनाव करें ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
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