राष्ट्रीय राजनीति
एक दिन पहले
13
विचारों
मुलाकात की अर्जी हुई खारिज
विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के नेताओं के लिए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के साथ बैठक करना संभव नहीं हो सका है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में विपक्षी दल सोमवार, 12 अक्टूबर को सीजेआई से मिलना चाहते थे। हालांकि, शीर्ष अदालत की ओर से इस मुलाकात के प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि सीजेआई कार्यालय ने इस इनकार के पीछे कानूनी और प्रक्रियात्मक कारणों का हवाला दिया है।
सीजेआई ने बताई ये बड़ी वजह
सीजेआई कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जिन विषयों पर विपक्षी नेता चर्चा करना चाहते थे, वे मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दायरे में हैं। कोर्ट ने साफ किया है कि चूंकि ये विषय पहले से ही विचाराधीन हैं, इसलिए प्रशासनिक स्तर पर इनसे जुड़े मुद्दों पर कोई चर्चा या निर्देश जारी नहीं किया जा सकता है। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट किया है कि संवैधानिक ढांचे के तहत सुप्रीम कोर्ट प्रशासनिक पक्ष से सरकार के दैनिक कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
कानूनी रास्ता अभी भी खुला
हालांकि मुलाकात की अर्जी खारिज कर दी गई है, लेकिन कोर्ट ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि विपक्षी नेताओं के पास अपने अधिकारों के लिए अन्य विकल्प मौजूद हैं। सीजेआई ने अपने संदेश में कहा कि यदि विपक्ष को अपने मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की कोई चिंता है, तो वे सुप्रीम कोर्ट के न्यायिक पक्ष के समक्ष औपचारिक याचिका दायर कर सकते हैं।
कांग्रेस की अगली रणनीति
इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने भी अपने रुख में बदलाव किया है। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित मार्च को जारी रखने का फैसला बरकरार रखा है। राहुल गांधी की ओर से 'वोट चोरी', एसआईआर और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे से संबंधित ज्ञापन सौंपने की तैयारी की जा रही है। राजनीतिक गलियारों में अब यह सवाल उठ रहा है कि न्यायिक दरवाजे पर मिली इस चुनौती के बाद विपक्षी दल अब अपनी रणनीति को किस दिशा में ले जाएंगे।
Comments
0 comment