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8 घंटे पहले
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विचारों
आसमान में इंद्रधनुष देखना तो बेहद आम बात है, लेकिन क्या आपने कभी ऐसे विशालकाय पहाड़ों की कल्पना की है जो खुद सात रंगों की चादर ओढ़े नजर आते हैं? चीन के गांसू प्रांत में स्थित झांगे डेनशिया का इलाका एक ऐसा ही अद्भुत और कुदरती करिश्मा प्रस्तुत करता है। यहां की ऊंची-नीची पहाड़ियों को देखकर ऐसा महसूस होता है मानो किसी महान चित्रकार ने पूरी धरती पर रंगों का विशाल खजाना उड़ेल दिया हो। लाल, पीले, नारंगी, हरे और बैंगनी रंगों की असीम छटा बिखेरते इन पहाड़ों को दुनिया भर में रेनबो माउंटेन यानी इंद्रधनुषी पहाड़ के रूप में जाना जाता है।
कुदरत की अनोखी चित्रकारी और रंगों का कालीन
झांगे डेनशिया के पहाड़ों की सबसे मुख्य विशेषता इनकी विहंगम रंगीन परतें हैं। इन पहाड़ियों पर अलग-अलग रंगों की पट्टियां इस तरह से फैली हुई हैं कि दूर से देखने पर पूरी घाटी एक विशाल रंग-बिरंगे कालीन की तरह नजर आती है।
- लाल रंग की धारियां: पहाड़ों पर कई स्थानों पर लाल रंग की लंबी और गहरी पट्टियां फैली हुई हैं।
- पीले और हरे रंग की लकीरें: लाल रंग के साथ ही पीले, नारंगी और हरे रंग की महीन धारियां पहाड़ियों को बिल्कुल अलग और विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं।
- बैंगनी और विविध शेड्स: कई हिस्सों में बैंगनी और हल्के भूरे रंग की परतों का मिश्रण देखने को मिलता है।
इन विभिन्न रंगों का संतुलन इतना सटीक है कि यह नजारा किसी काल्पनिक पेंटिंग जैसा प्रतीत होता है, जबकि वास्तविकता में यह पूरी तरह से प्राकृतिक है।
करोड़ों साल पुरानी भूगर्भीय प्रक्रिया का परिणाम
वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो इन खूबसूरत रंगों के पीछे कोई चमत्कार नहीं, बल्कि करोड़ों वर्षों से चली आ रही जटिल भूगर्भीय हलचलें और प्राकृतिक बदलाव जिम्मेदार हैं। इन पहाड़ों का निर्माण कई चरणों में पूरा हुआ है:
- तलछट का जमाव: करोड़ों सालों तक रेत के पत्थरों और विभिन्न खनिजों की परतें एक के ऊपर एक जमा होती चली गईं।
- खनिजों का प्रभाव: चट्टानों में मौजूद आयरन ऑक्साइड और अन्य खनिज तत्त्वों के ऑक्सीकरण के कारण पत्थरों को लाल, पीला, नारंगी और बैंगनी रंग प्राप्त हुआ।
- टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल: समय के साथ जब पृथ्वी की आंतरिक टेक्टोनिक प्लेटों में हलचल हुई, तो ये समतल परतें ऊपर की ओर मुड़ गईं और पहाड़ियों के रूप में उभर आईं।
- हवा और बारिश का तराशना: लाखों वर्षों तक लगातार चली तेज हवाओं और बारिश के पानी ने इन उबरी हुई चट्टानों को घिसकर आज का अनोखा आकार और तीखी धारियां प्रदान कीं।
सूर्योदय और सूर्यास्त के समय जादुई नजारा
झांगे डेनशिया नेशनल पार्क में स्थित इन पहाड़ों की सुंदरता दिन के अलग-अलग समय पर बदलती रहती है। विशेष रूप से सुबह सूर्योदय के समय और शाम को सूर्यास्त के वक्त यहां का वातावरण अत्यंत मनमोहक हो जाता है। जब ढलते या उगते सूरज की सुनहरी और गर्म किरणें इन रंगीन चट्टानों पर सीधी पड़ती हैं, तो पत्थरों के रंग और अधिक गहरे तथा चमकदार हो उठते हैं। उस क्षण ऐसा लगता है मानो कोई जादुई दुनिया आंखों के सामने जीवंत हो उठी हो।
यूनेस्को विश्व धरोहर और पर्यटकों का आकर्षण
इस अद्भुत प्राकृतिक विरासत को देखने के लिए हर साल दुनिया भर से लाखों की संख्या में पर्यटक और फोटोग्राफर यहां पहुंचते हैं। प्रशासन ने पर्यटकों की सुविधा और पहाड़ों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यूइंग प्लेटफॉर्म और पैदल रास्ते तैयार किए हैं, जहां से लोग इस मनमोहक परिदृश्य का सुरक्षित रूप से अवलोकन कर सकते हैं।
इस क्षेत्र के असाधारण प्राकृतिक महत्त्व को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को ने वर्ष 2010 में इसे अपनी प्रतिष्ठित विश्व धरोहर सूची में शामिल किया था। इसके बाद से यह स्थान अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और भी तेजी से उभरा है।
पेरू का विनिकुंका माउंटेन भी है रंगों का अनूठा खजाना
यदि आपको लगता है कि इस तरह के सतरंगी पहाड़ केवल चीन में ही मौजूद हैं, तो ऐसा नहीं है। दक्षिण अमेरिका के पेरू देश में स्थित विनिकुंका माउंटेन भी अपनी बेहद खूबसूरत और सतरंगी पहाड़ियों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
पेरू के विनिकुंका में भी खनिजों और वातावरणीय परिस्थितियों के इसी तरह के संयोजन ने पहाड़ों को सात रंगों वाली चादर से ढक दिया है। कुदरत के इन अद्भुत और अकल्पनीय नजारों को देखकर इंसान इस बात पर सहज विश्वास नहीं कर पाता कि बिना किसी कलाकार के ब्रश या रंगों के भी प्रकृति इतनी शानदार और बेमिसाल कलाकृति तैयार कर सकती है।
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