पंजाब सीमा पर BSF का बड़ा एक्शन, 2 पाकिस्तानी घुसपैठिए ढेर, बौखलाया इस्लामाबाद राष्ट्रीय राजनीति 14 घंटे पहले 2
पंजाब के तरनतारन सेक्टर में BSF ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए दो पाकिस्तानी नागरिकों को मार गिराया, जिसके बाद पाकिस्तान ने भारतीय राजनयिक को तलब कर विरोध जताया है।

सीमा पर बड़ी कार्रवाई

पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल यानी BSF ने एक बड़ी घुसपैठ की साजिश को नाकाम कर दिया है। तरनतारन सेक्टर में हुई इस सैन्य कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने दो पाकिस्तानी घुसपैठियों को ढेर कर दिया। यह घटना 2 अक्टूबर को उस समय हुई जब ये संदिग्ध भारतीय सीमा में जबरन घुसने का प्रयास कर रहे थे। अपनी नापाक हरकतों पर पर्दा डालने के लिए अब पाकिस्तान ने अजीबोगरीब रुख अपनाते हुए उल्टा भारत पर ही आरोप मढ़ना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 3 अक्टूबर को इस्लामाबाद में भारतीय प्रभारी राजदूत को तलब किया और इस कार्रवाई का कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

घटना का पूरा विवरण

आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तरनतारन जिले की सीमा के पास कुल तीन संदिग्ध घुसपैठिए देखे गए थे। हालांकि, चेतावनी मिलने के बाद उनमें से एक वापस पाकिस्तान की सीमा में भाग निकला। तरनतारन के भिखीविंड के पुलिस उपाधीक्षक अतुल सोनी ने बताया कि बीएसएफ के जवानों ने घुसपैठियों को बार-बार रुकने और पीछे मुड़ने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद, वे लगातार भारतीय क्षेत्र की ओर आगे बढ़ते रहे।

बीएसएफ के संतरी के मुताबिक, ये घुसपैठिए लगातार उकसावे वाली हरकतें कर रहे थे और सुरक्षा घेरे को तोड़कर आगे बढ़ने पर आमादा थे। जब उन्होंने सुरक्षाबलों की चेतावनियों को नजरअंदाज किया, तब बीएसएफ जवानों को आत्मरक्षा और सीमा सुरक्षा के मद्देनजर गोली चलानी पड़ी। इस जवाबी कार्रवाई में दोनों घुसपैठिये मारे गए। घटना के तुरंत बाद वरिष्ठ बीएसएफ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अभी तक इन मारे गए लोगों की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है।

पाकिस्तान का बेतुका दावा

अपनी बौखलाहट जाहिर करते हुए पाकिस्तान ने मारे गए लोगों को निर्दोष नागरिक बताने की कोशिश की है। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर दावा किया कि ये लोग आम नागरिक थे जो अनजाने में सीमा पार कर गए थे। इस्लामाबाद ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है कि वे घुसपैठिये थे।

पाकिस्तान ने अपने बयान में कहा है कि भारतीय प्रभारी राजदूत को मंत्रालय में बुलाकर “दो लोगों की मौत पर कड़ा विरोध” दर्ज कराया गया है। पाकिस्तान का आरोप है कि:

  • बीएसएफ जवानों ने निहत्थे नागरिकों पर बिना किसी उकसावे के बल का प्रयोग किया।
  • बल का यह इस्तेमाल पूरी तरह से अनुचित और गलत था।
  • इस कार्रवाई में दो कीमती जान चली गई।

भारत से जांच की मांग

पाकिस्तान ने अब भारत पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है। उसने इस पूरी घटना की “तत्काल, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच” की मांग की है। इस्लामाबाद ने भारत से यह भी कहा है कि जो भी सुरक्षाकर्मी इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। पाकिस्तान ने मांग की है कि भारत सरकार इस जांच के नतीजों से उन्हें औपचारिक रूप से अवगत कराए। बता दें कि पंजाब और पाकिस्तान के बीच कुल 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा होती है, जहाँ आए दिन इस तरह की घुसपैठ की घटनाएं देखने को मिलती हैं। बीएसएफ इन सभी चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर रही है और लगातार चौकसी बरत रही है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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