राजकुमार ने गोविंदा की महंगी शर्ट का बना लिया रूमाल, फिल्म 'जंगबाज' के सेट का यह किस्सा है बेहद दिलचस्प मनोरंजन 2 महीने पहले 74
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता राजकुमार और गोविंदा से जुड़ा यह किस्सा काफी मशहूर है, जहां एक तोहफे का राजकुमार ने अनोखा इस्तेमाल किया था। आइए जानते हैं कि आखिर क्या हुआ था उस दिन सेट पर और कैसा था राजकुमार का शाही मिजाज।

राजकुमार और गोविंदा का यादगार किस्सा

हिंदी सिनेमा के इतिहास में राजकुमार अपनी दमदार आवाज, अलग अंदाज और बेबाक मिजाज के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। उनके शाही व्यक्तित्व से जुड़े कई किस्से इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बने रहते हैं। ऐसा ही एक मजेदार और थोड़ा हैरान करने वाला किस्सा सुपरस्टार गोविंदा से जुड़ा है। यह वाकया फिल्म जंगबाज की शूटिंग के दौरान का है।

उस दिन सेट पर गोविंदा एक बहुत ही सुंदर और चमकदार शर्ट पहनकर पहुंचे थे। राजकुमार को वह शर्ट इतनी पसंद आई कि उन्होंने सबके सामने उसकी तारीफ कर दी। अपने सीनियर अभिनेता द्वारा शर्ट की प्रशंसा सुनकर गोविंदा फूले नहीं समाए। गोविंदा ने सम्मान स्वरूप वह महंगी शर्ट तुरंत राजकुमार को उपहार में दे दी। गोविंदा को यह उम्मीद थी कि दिग्गज अभिनेता राजकुमार किसी खास मौके पर उस शर्ट को जरूर पहनेंगे। लेकिन, कुछ समय बाद गोविंदा का अनुभव हैरान करने वाला रहा। उन्होंने देखा कि राजकुमार ने उस शानदार शर्ट को काटकर अपना पॉकेट रूमाल बना लिया है। जब राजकुमार ने उसी कपड़े के टुकड़े को जेब से निकाल कर अपनी नाक साफ की, तो गोविंदा के होश उड़ गए।

पुलिस की नौकरी से फिल्मों तक का सफर

राजकुमार का फिल्मी दुनिया में आने का सफर भी किसी पटकथा से कम रोमांचक नहीं है। उनका वास्तविक नाम कुलभूषण पंडित था। फिल्मों की चकाचौंध में आने से पहले वे मुंबई के माहिम पुलिस स्टेशन में बतौर सब-इंस्पेक्टर कार्यरत थे। पुलिस की वर्दी में भी उनका रौब और कड़क आवाज का जलवा कायम था।

उनकी जिंदगी तब बदल गई जब फिल्म निर्माता बलदेव दुबे किसी आधिकारिक काम से पुलिस स्टेशन पहुंचे। वहां राजकुमार की पर्सनैलिटी, आत्मविश्वास और बातचीत करने के अनूठे ढंग को देखकर बलदेव दुबे काफी प्रभावित हुए। उन्होंने मौके की नजाकत को समझते हुए राजकुमार को फिल्म शाही बाजार का ऑफर दे दिया। राजकुमार के मन में भी कहीं न कहीं अभिनेता बनने की हसरत दबी थी, इसलिए उन्होंने बिना किसी संकोच के पुलिस की नौकरी से इस्तीफा सौंप दिया और मायानगरी मुंबई की ओर रुख कर लिया।

सफलता और संघर्ष की कहानी

राजकुमार ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत साल 1952 में फिल्म रंगीली के साथ की थी। शुरुआती दौर में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा और कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल भी रहीं। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और अपने बेहतरीन अभिनय कौशल से खुद को साबित किया। उन्होंने अपने करियर में मदर इंडिया, पाकीजा, वक्त, हीर रांझा, सौदागर और तिरंगा जैसी सदाबहार फिल्मों में काम किया। आज भी उनके मशहूर संवाद लोगों की जुबां पर रहते हैं।

अपने पूरे करियर के दौरान उन्होंने लगभग 70 फिल्मों में अभिनय किया। राजकुमार की प्रतिभा को सम्मानित करते हुए उन्हें दिल एक मंदिर और वक्त जैसी यादगार फिल्मों के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड भी दिया गया।

बीमारी और अंतिम विदाई

अपने बेबाक और बिंदास स्वभाव के लिए मशहूर राजकुमार जिंदगी के आखिरी पड़ाव में काफी कठिन दौर से गुजरे। उन्हें गले के कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी ने जकड़ लिया था। इस बीमारी का बुरा असर उनकी बुलंद आवाज पर भी पड़ा, जिसने कभी पूरी इंडस्ट्री को अपनी गूंज से हिला दिया था। आखिरकार, 3 जुलाई 1996 को 69 साल की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। आज वे हमारे बीच भले ही नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्मों और उनके व्यक्तित्व से जुड़े ऐसे दिलचस्प किस्से हमेशा दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेंगे।

आन्या कपूर पाबना के मनोरंजन रिपोर्टर हैं, जो बॉलीवुड, ओटीटी और टेलीविजन की खबरें कवर करते हैं। फिल्मों, वेब सीरीज, सेलिब्रिटी और बॉक्स ऑफिस पर उनकी पैनी नजर रहती है। वे मनोरंजन जगत की हलचल को रोचक अंदाज में दर्शकों तक लाते हैं।

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