मुंबई के गोरेगांव में जहरीली गैस से दो युवाओं की मौत के बाद बीएमसी का बड़ा एक्शन, अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर महाराष्ट्र एक घंटा पहले 5
मुंबई के गोरेगांव इलाके में एक सार्वजनिक शौचालय के भीतर रहस्यमय रासायनिक गंध के कारण दो लोगों की जान चली गई, जिसके बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए इलाके में अवैध रूप से बने ढांचों को ध्वस्त कर दिया है।

गोरेगांव हादसे के बाद प्रशासन सख्त

मुंबई के गोरेगांव पूर्व में स्थित राम मंदिर इलाके में हुई एक दुखद घटना ने पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। एक सार्वजनिक शौचालय में फैली तेज और संदिग्ध रासायनिक गंध के कारण दो युवकों की जान जाने के बाद बीएमसी ने फौरन बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह हटाने का काम शुरू किया। इलाके में कानून व्यवस्था बनी रहे और कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पुलिस की तैनाती की गई है, जबकि बुलडोजर ने अवैध झोपड़ों और अनधिकृत निर्माणों को जमींदोज करना शुरू कर दिया है।

सार्वजनिक शौचालय में हुई मौतें

यह पूरा मामला रविवार 27 सितंबर की सुबह उस समय सामने आया, जब मृणालताई पुल के पास पारसी पंचायत गेट के सामने स्थित सार्वजनिक शौचालय से जहरीली गंध आने की जानकारी स्थानीय निवासियों ने दी। इस घटना में जान गंवाने वाले दो युवकों की पहचान 24 वर्षीय प्रभाकर धनिवार और 18 वर्षीय भाविन देसाई के रूप में की गई है। दोनों को तुरंत इलाज के लिए पास के ट्रॉमा केयर अस्पताल पहुंचाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के तुरंत बाद इलाके में हड़कंप मच गया और प्रशासन की विभिन्न टीमें मौके पर पहुंचीं।

जांच के घेरे में कई सरकारी विभाग

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुंबई फायर ब्रिगेड, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल यानी MPCB, स्थानीय पुलिस और 108 एम्बुलेंस की टीम को तुरंत बुला लिया गया। बीएमसी के संबंधित वार्ड के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और रासायनिक पदार्थ के स्रोत का पता लगाने के लिए छानबीन शुरू की। वर्तमान में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उस शौचालय के भीतर कौन सा केमिकल मौजूद था और वह वहां तक किस तरह पहुंचा। MPCB और अन्य एजेंसियां इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

अवैध कारखाने से जुड़ा है मामला

प्रशासन की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। शौचालय के पास ही साई इलेक्ट्रोप्लेट नाम की एक इकाई चल रही थी, जहां रसायनों का इस्तेमाल किया जाता था। जांच के दौरान पता चला कि जिस गाला में यह काम हो रहा था, वह पूरी तरह अवैध था और उसके आसपास भी कई झोपड़े बिना अनुमति के बने हुए थे। इसी अवैध गतिविधि को संज्ञान में लेते हुए बीएमसी ने सोमवार को बुलडोजर के जरिए कार्रवाई की। इसे उस घटना के जवाब में की गई एक सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है जिसमें दो लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।

गाला मालिक पर पुलिस का शिकंजा

वनराई पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए साई इलेक्ट्रोप्लेट के गाला मालिक नवीनभाई चावड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि शौचालय तक रासायनिक गंध कैसे पहुंची और इस हादसे के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है। नवीनभाई चावड़ा के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अभी भी सवालों के घेरे में है घटना

दो युवकों की असमय मौत ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्य सवाल यह है कि सार्वजनिक शौचालय के अंदर इतना घातक रासायनिक प्रभाव आखिर पैदा कैसे हुआ। क्या यह किसी औद्योगिक रिसाव का परिणाम था या लापरवाही का नतीजा? वर्तमान में पुलिस, बीएमसी, फायर ब्रिगेड और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं। रासायनिक पदार्थ की पहचान करने और घटनास्थल से जुड़े सभी सबूत जुटाने के बाद ही इस पूरे हादसे का रहस्य सामने आ पाएगा। फिलहाल बीएमसी द्वारा अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी है और पुलिस अपनी जांच में जुटी हुई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप