मध्य प्रदेश
2 घंटे पहले
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अस्पताल परिसर में मचा कोहराम
भोपाल के हमीदिया अस्पताल में रविवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेज रफ्तार सरकारी एम्बुलेंस ने इमरजेंसी वार्ड के बाहर खड़े लोगों को बुरी तरह कुचल दिया। इस हादसे में कुल 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और एक छोटी बच्ची भी शामिल हैं। ये सभी लोग अपने परिजनों के उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन खुद ही हादसे का शिकार हो गए। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई और मौके पर मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
अनियंत्रित रफ्तार ने ली चपेट में
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल के भीतर एक सरकारी एम्बुलेंस बेहद तेज रफ्तार में आ रही थी। वाहन की गति इतनी ज्यादा थी कि चालक उस पर अपना नियंत्रण पूरी तरह खो चुका था। अनियंत्रित एम्बुलेंस सीधे उस जगह जा घुसी जहां इमरजेंसी वार्ड के गेट के पास 6 लोग खड़े थे। अचानक हुई इस टक्कर से किसी को भी संभलने या हटने का कोई मौका नहीं मिला। घायल हुए लोग अपने बीमार परिजनों की तीमारदारी के लिए वहां खड़े थे, लेकिन अब वे खुद अस्पताल के बिस्तर पर भर्ती हैं। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और परिसर के भीतर वाहनों की बेलगाम रफ्तार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चालक मौके से फरार
घटना की सूचना मिलते ही कोहेफिजा थाना पुलिस फौरन मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद एम्बुलेंस चालक वाहन को वहीं छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए हैं। फिलहाल पुलिस ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और एम्बुलेंस को जब्त कर लिया गया है। अस्पताल परिसर के भीतर सुरक्षा और यातायात नियमों के उल्लंघन के चलते प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
नशे में होने की आशंका
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और घायलों के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि एम्बुलेंस चालक संभवतः नशे की हालत में था, जिसके कारण वह वाहन को नियंत्रित नहीं कर सका और उसने खड़े हुए लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। अस्पताल परिसर के भीतर मरीजों और उनके साथ आए परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वाहनों की गति सीमा बहुत कम तय की जाती है, ताकि ऐसी अनहोनी को टाला जा सके। हालांकि, इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
भविष्य के लिए चेतावनी
इस दर्दनाक हादसे के बाद अब अस्पताल प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों पर परिसर में वाहनों की रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाने का भारी दबाव है। स्थानीय नागरिक और पीड़ित पक्ष अब मांग कर रहे हैं कि भविष्य में इस तरह की जानलेवा लापरवाही को रोकने के लिए परिसर में सख्त नियम लागू किए जाएं और एम्बुलेंस चालकों की कार्यप्रणाली पर विशेष नजर रखी जाए। फिलहाल, घायलों का उपचार हमीदिया अस्पताल में ही चल रहा है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
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