मध्य प्रदेश
3 महीने पहले
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जांच में जुटे सौ से अधिक पुलिसकर्मी
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐशबाग इलाके में आंबेडकर कॉलोनी के भीतर हुई बुजुर्ग दंपती हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की विशेष टीम तैनात की गई है। क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की टीमें भी लगातार तकनीकी सबूत जुटाने में जुटी हुई हैं ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम को एक सुनियोजित साजिश मानकर चल रही है, जिसमें संपत्ति के लालच में अपनों के शामिल होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
मोबाइल फोन और तकनीकी सुराग
जांच के दौरान पुलिस को एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। मृतक दंपती की आदत थी कि वे हर तीन महीने में अपना मोबाइल फोन और नंबर बदल लेते थे। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि वे ऐसा क्यों करते थे और उनका आखिरी मोबाइल फोन कहां है। यह गायब मोबाइल इस केस की सबसे बड़ी कड़ी साबित हो सकता है। फिलहाल साइबर टीम मोबाइल टावर डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके।
प्रोफेशनल शूटरों का एंगल
घटनास्थल की स्थिति और हत्या के तरीके को देखकर पुलिस को शक है कि इस वारदात को किसी अनाड़ी ने नहीं बल्कि ट्रेंड शूटरों ने अंजाम दिया है। हत्या की योजना इतनी सटीक थी कि वारदात के दौरान इलाके में हुई तेज बारिश और बिजली गुल होने का पूरा फायदा उठाया गया। हमलावरों ने बेहद चालाकी से काम किया और घटनास्थल पर अपना कोई भी निशान नहीं छोड़ा। पुलिस को संदेह है कि आरोपियों ने ग्लव्स पहन रखे थे, जिसके कारण मौके से कोई फिंगरप्रिंट नहीं मिल पाए। डॉग स्क्वॉड भी भारी बारिश के कारण कोई ठोस सुराग हासिल करने में नाकाम रहा।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने हत्या की बर्बरता को स्पष्ट कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार हेमंत के सिर और गर्दन में गोली मारी गई थी, वहीं शकुंतला के सीने और सिर के बाईं ओर गोली के निशान मिले हैं। शव दो दिन बाद मिलने के कारण वे काफी हद तक सड़ चुके थे। हेमंत मधुमेह के मरीज थे और नियमित इंसुलिन लेते थे, जिस वजह से शरीर में जल्दी विघटन हुआ।
पुलिस की कार्रवाई और पूछताछ
पुलिस अब तक 19 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इसमें दंपती के यहां रहने वाले छह किराएदार भी शामिल हैं। जांच टीम ने रिश्तेदारों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश भी दी है। फिलहाल आधा दर्जन थाना प्रभारियों की टीमें साक्ष्यों को जोड़ने का काम कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें कुछ अहम संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन अभी जांच किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंची है। पुलिस का मुख्य फोकस अब संपत्ति विवाद और इस हत्या के पीछे के असली मास्टरमाइंड को बेनकाब करने पर है।
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