बिहार: खेत जा रही महिला को मगरमच्छ ने जबड़े में दबाकर नहर में खींचा, ग्रामीण की बहादुरी से बची जान बिहार एक दिन पहले 7
बगहा में एक महिला पर मगरमच्छ ने उस समय हमला कर दिया जब वह खेत की ओर जा रही थी। ग्रामीण की तत्परता ने महिला को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया, फिलहाल महिला का इलाज अस्पताल में जारी है।

खौफनाक घटना: मगरमच्छ ने बनाया शिकार

बिहार के बगहा में रविवार का दिन एक महिला के लिए किसी बुरे सपने जैसा रहा। सिरसिया-नौरंगिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत खेत पर जा रही एक महिला पर अचानक एक खूंखार मगरमच्छ ने जानलेवा हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले से वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए, लेकिन एक ग्रामीण की हिम्मत ने महिला के प्राणों की रक्षा कर ली। खेत पर मौजूद असलम बैठा ने अपनी जान की बाजी लगाते हुए लाठी-डंडे उठाए और मगरमच्छ से भिड़ गए।

जबड़ों में जकड़कर खींच रहा था मगरमच्छ

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मगरमच्छ ने महिला के पैर को अपने मजबूत जबड़ों में पूरी तरह दबा लिया था और उसे तेजी से पास की नहर की गहराई की ओर खींचकर ले जा रहा था। मंजर बेहद डरावना था, लेकिन असलम बैठा ने घबराने के बजाय साहस दिखाते हुए मगरमच्छ पर लगातार प्रहार करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के इस आक्रामक हमले के कारण मगरमच्छ ने हार मान ली और महिला को छोड़ दिया, जिससे उसकी जान बच गई।

अस्पताल में चल रहा इलाज

अगर समय पर ग्रामीण मौके पर नहीं पहुंचते, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी और मगरमच्छ महिला को गहरे पानी में खींच ले जाता। इस हमले में घायल महिला की पहचान 35 वर्षीय बासमती देवी के रूप में की गई है, जो जितेंद्र मांझी की पत्नी हैं। घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से महिला को आनन-फानन में बगहा के अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर पुष्पराज ने महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार प्रदान किया और बेहतर इलाज के लिए उन्हें जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया।

इलाके में फैला दहशत का माहौल

ग्रामीणों का कहना है कि इसी मगरमच्छ ने इससे पहले भी एक व्यक्ति पर हमला कर उसकी जान ले ली थी। इस दूसरी बड़ी घटना के बाद पूरे इलाके में डर का साया है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग और जिला प्रशासन के सामने मांग रखी है कि इस मगरमच्छ को जल्द से जल्द पकड़कर कहीं सुरक्षित जगह छोड़ा जाए। साथ ही, नहर के किनारे सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की भी अपील की गई है।

प्रशासन की लोगों को हिदायत

बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और आसपास के खेतों में भी पानी का भराव है, जिससे मगरमच्छ के रिहायशी इलाकों के करीब आने का खतरा बढ़ गया है। नदी किनारे चरवाहों और छोटे बच्चों का आना-जाना लगा रहता है, जिसे लेकर प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। स्थानीय प्रशासन ने फिलहाल लोगों से अनुरोध किया है कि वे नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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