असम में पाक खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी का भंडाफोड़, सेना के जवान समेत दो गिरफ्तार भारत 11 घंटे पहले 2
असम पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सेना का एक सेवानिवृत्त जवान भी शामिल है।

असम में जासूसी का बड़ा मामला

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार को एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य में पाकिस्तान के लिए गुप्त सूचनाएं जुटाने और उन्हें साझा करने के आरोप में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस पूरे ऑपरेशन को केंद्रीय एजेंसियों से मिली गुप्त सूचना के आधार पर अंजाम दिया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक ऐसा व्यक्ति भी है जो सेना से सेवानिवृत्त हो चुका है और वर्तमान में अनुबंध के आधार पर सैन्य सेवा में अपनी भूमिका निभा रहा था।

हनी ट्रैप के जरिए फंसाने का शक

मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया कि ये दोनों आरोपी सीधे तौर पर पाकिस्तान के संपर्क में थे। उन पर आरोप है कि वे भारतीय सेना की गतिविधियों और मूवमेंट से जुड़ी अत्यंत संवेदनशील जानकारियां पड़ोसी देश तक पहुंचा रहे थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि इन लोगों को संभवतः हनी ट्रैप का शिकार बनाया गया था। जालसाजों ने इन्हें लुभाकर या डरा-धमकाकर देश की सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां निकलवाईं। इन दोनों आरोपियों को अब विस्तृत पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है। गौरतलब है कि इससे पहले भी महाराष्ट्र से आईएसआई (ISI) के लिए काम करने वाले एक एजेंट की गिरफ्तारी हुई थी, जो फंडिंग नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

गुवाहाटी में STF की बड़ी कार्रवाई

इस कड़ी का एक हिस्सा गुवाहाटी से भी जुड़ा है, जहां असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कार्रवाई की। एसटीएफ ने गुवाहाटी के एक किराए के घर में रह रहे बिहार निवासी अभिषेक कुमार सिंह को जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार किया है। 31 वर्षीय अभिषेक मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण जिले का निवासी है। शुरुआती जांच में यह पता चला है कि वह पाकिस्तान के खुफिया ऑपरेटिव (PIO) के संपर्क में था और उसे देश के सुरक्षा बलों की गुप्त खबरें भेज रहा था।

खुफिया इनपुट और बरामदगी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस संदिग्ध व्यक्ति के बारे में सबसे पहले जानकारी तेजपुर स्थित गजराज कोर की मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली थी। इस जानकारी को असम एसटीएफ के साथ साझा किया गया, जिसके बाद एसटीएफ ने सोनितपुर पुलिस के साथ मिलकर एक जाल बिछाया। गहन जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। बीते 3 और 4 अक्टूबर की रात को पुलिस ने गुवाहाटी स्थित उसके ठिकाने पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। फिलहाल, पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि अन्य संलिप्त लोगों का पता लगाया जा सके।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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