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9 घंटे पहले
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विचारों
भारत के लिए एंथ्रोपिक की नई पहल
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिग्गज कंपनी एंथ्रोपिक ने भारत में अपने यूजर्स और बड़ी कंपनियों के लिए एक बड़ा अपडेट पेश किया है। कंपनी ने अब भारत में Local Inference (लोकल इंफरेंस) सुविधा को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया है। इस बदलाव के बाद, अब Claude मॉडल से जुड़ी रिक्वेस्ट को विदेश भेजने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि इन्हें भारत में ही स्थित लोकल एंडपॉइंट्स के माध्यम से प्रोसेस किया जाएगा। यह घोषणा 5 अक्टूबर को की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत, Claude Opus 5, Sonnet 5 और Haiku 4.5 जैसे शक्तिशाली मॉडल अब भारतीय डेटा सेंटर्स के जरिए अपनी सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होंगे। इस सेवा का प्राथमिक उद्देश्य डेटा सोवरेनिटी यानी डेटा संप्रभुता और स्थानीय डेटा नियमों का पालन करना है।
रेगुलेटेड कंपनियों और डेटा सुरक्षा के लिए अहम
भारत में काम करने वाली कई विनियमित कंपनियों, सरकारी संस्थानों और बड़े व्यावसायिक घरानों के लिए डेटा को देश के भीतर ही सुरक्षित रखना कानूनी और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद अनिवार्य है। एंथ्रोपिक की यह नई सुविधा ऐसे संस्थानों को राहत देगी, जिन्हें संवेदनशील जानकारी के साथ काम करना पड़ता है। AWS Bedrock प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले क्लाइंट्स अब Claude के जरिए अपने वर्कलोड को आसानी से और सुरक्षित तरीके से हैंडल कर सकेंगे। एंथ्रोपिक इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर इरीना घोष का कहना है कि विनियमित क्षेत्र के ग्राहक अपने महत्वपूर्ण कार्यों के लिए Claude का उपयोग करने के इच्छुक हैं और अब इस नई व्यवस्था के साथ उनकी सभी रिक्वेस्ट देश के भीतर ही प्रोसेस की जा सकेंगी। इसके अलावा, Amazon Bedrock के जरिए मिलने वाले ऑडिट ट्रेल और एक्सेस कंट्रोल जैसे सुरक्षा फीचर्स कंपनियों की रिस्क और कंप्लायंस टीमों की जरूरतों को बखूबी पूरा करते हैं।
दिग्गज कंपनियों ने किया परीक्षण
एंथ्रोपिक के अनुसार, आधिकारिक लॉन्च से पहले कई बड़े संस्थानों ने प्राइवेट प्रीव्यू के दौरान इस तकनीक का परीक्षण किया है। फिनटेक कंपनी CRED ने लोकल इंफरेंस का उपयोग करके इसके परिणामों की जांच की है। परीक्षण के दौरान कंपनियों को न केवल बेहतर परफॉर्मेंस और कम लेटेंसी (विलंब) का अनुभव हुआ, बल्कि डेटा रेजिडेंसी की जरूरतों को पूरा करने में भी काफी मदद मिली। TCS और महिंद्रा ग्रुप जैसी दिग्गज कंपनियों ने भी इस बात को रेखांकित किया है कि गवर्नेंस और डेटा सुरक्षा के नजरिए से यह सुविधा भारतीय बाजार के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।
भारत में तेजी से बढ़ रहा है क्लाउड का दायरा
एंथ्रोपिक के लिए भारतीय बाजार काफी महत्वपूर्ण हो गया है। कंपनी ने फरवरी 2026 में बेंगलुरु में अपना पहला भारतीय कार्यालय खोला था, जिसके बाद से लगातार देश में उनकी टीम और प्रभाव का विस्तार हो रहा है। आज देश के बड़े वित्तीय संस्थान जैसे कोटक बैंक, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक और एनपीसीआई (NPCI) इंजीनियरिंग और कर्मचारी उत्पादकता जैसे कार्यों में Claude का बखूबी इस्तेमाल कर रहे हैं।
इसके अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां जैसे TCS, इंफोसिस, कॉग्निजेंट, एलटीआईमाइंडट्री और एलटीटीएस भी अपने ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाओं में एंथ्रोपिक के मॉडल को शामिल कर रही हैं। डिजिटल स्टार्टअप्स और कंपनियों की बात करें तो रेजरपे, स्विगी, जोमैटो, इनवीडियो और फ्रेशवर्क्स जैसे नाम भी अपने प्रोडक्ट और इंजीनियरिंग वर्कफ्लो को बेहतर बनाने के लिए Claude पर निर्भर हैं। कंपनी का स्पष्ट मानना है कि भारत में Claude की बढ़ती मांग को देखते हुए लोकल इंफरेंस उनकी भविष्य की एंटरप्राइज रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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