अनूप बागची संभालेंगे एचडीएफसी बैंक की कमान, आरबीआई से मिली नई जिम्मेदारी को मंजूरी व्यापार 2 घंटे पहले 5
देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी बैंक के अगले सीईओ और एमडी के रूप में अनूप बागची के नाम पर भारतीय रिजर्व बैंक ने मुहर लगा दी है। वे मौजूदा प्रमुख शशिधर जगदीशन का स्थान लेंगे जिनका कार्यकाल अक्टूबर में समाप्त हो रहा है।

अनूप बागची को मिली बैंक की कमान

भारतीय रिजर्व बैंक ने अनूप बागची को देश के सबसे बड़े निजी बैंक, एचडीएफसी बैंक का अगला मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक नियुक्त करने की अपनी औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण फेरबदल के साथ ही अनूप बागची बैंक की बागडोर अपने हाथों में लेंगे। वे शशिधर जगदीशन की जगह लेंगे, जिनका 6 साल का लंबा कार्यकाल 26 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है। बैंक की ओर से इस निर्णय को आधिकारिक रूप से साझा कर दिया गया है।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस से जुड़ेंगे अनुभव

अनूप बागची का बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का अनुभव काफी विस्तृत है। वर्तमान में वे आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस में सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वे साल 2023 से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एचडीएफसी बैंक की ओर से शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, उनकी नियुक्ति 3 साल की अवधि के लिए की गई है। वे 27 अक्टूबर से आधिकारिक रूप से अपना नया पदभार ग्रहण करेंगे। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने 1992 में आईसीआईसीआई के साथ की थी और इससे पहले वे 6 साल तक आईसीआईसीआई बैंक में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की भूमिका निभा चुके हैं, जहां उन्होंने खुदरा और थोक बैंकिंग के विभिन्न क्षेत्रों में काम किया है।

बोर्ड की मंजूरी और भविष्य की राह

बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अनूप बागची को 2 अक्टूबर से एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करने पर भी अपनी सहमति दे दी है। हालांकि, सीईओ और एमडी के रूप में उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने के लिए बैंक के शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलना अनिवार्य है। बागची के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं, जिनमें बैंक की मुख्य आय में वृद्धि करना, शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) पर बन रहे दबाव को कम करना और उत्पादों की बिक्री से जुड़ी गलत कार्यप्रणाली जैसी समस्याओं पर अंकुश लगाना शामिल है।

लीडरशिप बदलाव की पृष्ठभूमि

बैंक में शीर्ष स्तर पर नेतृत्व को लेकर चर्चाएं मार्च महीने में तेज हो गई थीं, जब नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद बैंक ने आंतरिक मामलों की समीक्षा भी की थी। अगस्त महीने में शशिधर जगदीशन ने स्पष्ट कर दिया था कि वे दोबारा नियुक्ति के दावेदार नहीं होंगे। इसके बाद बैंक की ओर से आरबीआई के पास दो नाम भेजे गए थे, जिनमें कैजाद भरूचा का नाम भी चर्चा में था। इस घोषणा के बाद बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली और एचडीएफसी बैंक के अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट (ADR) में 5 प्रतिशत से अधिक की उछाल दर्ज की गई।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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