पेंटागन के आगे झुकने से इनकार, 'रेड लाइन' बोलने वाले एडिटर की नौकरी गई, अमेरिका में मीडिया की आजादी पर उठे सवाल विश्व 2 घंटे पहले 4
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने स्टार एंड स्ट्राइप्स के एडिटर-इन-चीफ को बर्खास्त कर दिया है, जिसके बाद से संपादकीय स्वतंत्रता और सरकारी सेंसरशिप को लेकर भारी विवाद छिड़ गया है।

पेंटागन और स्टार एंड स्ट्राइप्स के बीच टकराव

अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन और प्रसिद्ध सैन्य समाचार पत्र स्टार एंड स्ट्राइप्स के बीच संपादकीय स्वतंत्रता को लेकर चल रहा विवाद अब एक बड़े संकट में बदल चुका है। पेंटागन ने इस अखबार के एडिटर-इन-चीफ एरिक स्लाविन को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। यह कार्रवाई केवल उन तक सीमित नहीं रही, बल्कि अखबार के पब्लिशर मैक्स लेडरर और मध्य पूर्व के लिए रिपोर्टर लारा कोर्टे को भी सेवा से हटाने के नोटिस थमा दिए गए हैं। इस घटना ने पूरे अमेरिका में प्रेस की आजादी और सरकारी हस्तक्षेप के गंभीर मुद्दों को हवा दे दी है।

विवाद की असली जड़

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत एक टीवी इंटरव्यू से हुई, जिसमें एरिक स्लाविन ने बहुत स्पष्ट शब्दों में अपनी राय रखी थी। स्लाविन ने कहा था कि अगर अमेरिकी रक्षा विभाग सैनिकों के लिए प्रकाशित होने वाली खबरों पर सेंसरशिप लगाने या उन्हें नियंत्रित करने की कोशिश करता है, तो यह उनके लिए एक स्पष्ट रेड लाइन होगी। उनका मानना था कि एक सैन्य अखबार की विश्वसनीयता तभी तक बनी रह सकती है जब तक वह बिना किसी बाहरी दबाव या रक्षा विभाग के दखल के स्वतंत्र रूप से पत्रकारिता कर सके। उन्होंने कहा कि सैनिकों तक पहुंचने वाली खबरें निष्पक्ष होनी चाहिए और उन पर किसी भी तरह का नियंत्रण अखबार के बुनियादी उद्देश्यों के खिलाफ है।

अनुशासनहीनता का आरोप

एसोसिएटेड प्रेस के साथ बातचीत में एरिक स्लाविन ने खुलासा किया कि उन्हें पेंटागन द्वारा अनुशासनहीनता का आरोपी बनाकर पद से हटाया गया है। स्लाविन अपनी बात पर पूरी तरह अडिग हैं। उनका कहना है कि स्टार एंड स्ट्राइप्स की संपादकीय स्वायत्तता किसी भी कीमत पर समझौता नहीं की जानी चाहिए। दूसरी ओर, पब्लिशर मैक्स लेडरर और रिपोर्टर लारा कोर्टे को नोटिस मिलना यह दर्शाता है कि पेंटागन अखबार के भीतर के उन सभी स्वरों को खामोश करना चाहता है जो उनके फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं।

तीन दशकों का सफर और अचानक मिला नोटिस

अखबार के पब्लिशर मैक्स लेडरर का जाना इस विवाद का एक और दुखद पहलू है। लेडरर लगभग तीन दशक से इस संस्थान के साथ जुड़े थे और 2007 से पब्लिशर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसी सप्ताह उन्होंने घोषणा की थी कि वे सितंबर के अंत में अपनी सेवानिवृत्ति लेने वाले हैं, लेकिन रिटायरमेंट से ठीक पहले उन्हें नौकरी से हटाने का नोटिस मिलना उनके लंबे करियर के प्रति अपमानजनक माना जा रहा है।

बढ़ती निगरानी और बाहरी हस्तक्षेप

पेंटागन का अखबार पर दबाव सिर्फ एडिटर को हटाने तक ही सीमित नहीं है। मामला तब और गंभीर हो गया जब पेंटागन ने नेवी कैप्टन विलियम अर्बन को पब्लिशर के लिए मिलिट्री डेप्युटी के तौर पर नियुक्त कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, यह नियुक्ति पब्लिशर लेडरर की जानकारी के बिना की गई, जो सीधे तौर पर अखबार के आंतरिक मामलों में दखल है। इस नियुक्ति के बाद तीन डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को एक पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है कि आखिर इस नियुक्ति का आधार क्या था और इसका उद्देश्य क्या है।

संपादकीय मूल्यों में बुनियादी मतभेद

मैक्स लेडरर ने पहले भी कई बार पेंटागन के रवैये पर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि अखबार के मिशन और उसके मूल्यों को लेकर रक्षा विभाग के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके विचार मेल नहीं खाते। पेंटागन लगातार अखबार की सामग्री पर निगरानी बढ़ा रहा है। रक्षा विभाग उन सभी कंटेंट को अखबार से हटवाना चाहता है जिन्हें वे वोक डिस्ट्रैक्शंस का नाम देते हैं। पेंटागन के अनुसार, ये सामाजिक और वैचारिक मुद्दे सेना के मूल काम से सैनिकों का ध्यान भटकाते हैं। इसी तरह, अप्रैल में ओम्बड्समैन जैकलीन स्मिथ को भी उनके पद से हटा दिया गया था, जिनका काम ही अखबार की संपादकीय स्वतंत्रता की रक्षा करना था।

सैन्य अखबार का महत्व

स्टार एंड स्ट्राइप्स कोई सामान्य समाचार पत्र नहीं है। यह अमेरिकी सैन्य कर्मियों और उनके परिवारों की आवाज है। हालांकि इसे पेंटागन से आंशिक वित्तीय सहायता प्राप्त होती है, लेकिन इतिहास में इसने हमेशा अपनी स्वतंत्रता को बचाए रखा है। वर्तमान घटना यह सवाल खड़ा करती है कि क्या अमेरिका का रक्षा विभाग अब अपने अधीन चलने वाले इस स्वतंत्र संस्थान को पूरी तरह से नियंत्रित करना चाहता है। क्या अब सैन्य अखबार का उपयोग केवल सरकार और सेना की उपलब्धियों के प्रचार के लिए किया जाएगा? यह प्रश्न न केवल अमेरिका के पत्रकारों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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