डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा कदम: अमेरिका बनाएगा सुपर इंटेलिजेंस फोर्स, AI की रेस में रहेगा सबसे आगे विश्व 2 घंटे पहले 7
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में वर्चस्व कायम रखने के लिए सुपर इंटेलिजेंस फोर्स के गठन की घोषणा की है, जो सीधे राष्ट्रपति को रिपोर्ट करेगी।

अमेरिका का एआई मिशन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की बदलती दुनिया में अपनी बादशाहत कायम रखने के लिए अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक नई और शक्तिशाली टास्क फोर्स बनाने का ऐलान किया है, जिसे सुपर इंटेलिजेंस फोर्स या SIF का नाम दिया गया है। इस घोषणा के साथ ही तकनीक की दुनिया में हलचल मच गई है। राष्ट्रपति ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल के माध्यम से इस पहल की जानकारी साझा की।

सीधे राष्ट्रपति को होगी जवाबदेही

इस नई फोर्स की कमान देश के चार शीर्ष सरकारी अधिकारियों के हाथों में सौंपी गई है। यह व्यवस्था इस तरह से तैयार की गई है कि यह फोर्स किसी अन्य विभाग के प्रति जवाबदेह होने के बजाय सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति और व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ को रिपोर्ट करेगी। इससे यह स्पष्ट होता है कि ट्रंप प्रशासन इस तकनीक को लेकर कितनी गंभीरता दिखा रहा है।

क्या है इस टास्क फोर्स का मुख्य काम

सुपर इंटेलिजेंस फोर्स का प्राथमिक उद्देश्य अमेरिकी सरकार की एआई संबंधित नीतियों और प्रयासों को एक दिशा में लाना है। यह फोर्स विभिन्न क्षेत्रों के बीच सेतु का काम करेगी, जिनमें शामिल हैं:

  • आम उपभोक्ता और नागरिक
  • पब्लिक इंट्रेस्ट से जुड़े विभिन्न समूह
  • धार्मिक संगठन
  • देश का महत्वपूर्ण और बुनियादी ढांचा संभालने वाली संस्थाएं
  • प्रमुख एआई कंपनियां

इस फोर्स का दायित्व होगा कि वह इन सभी पक्षों के साथ सरकार का तालमेल बैठाए और यह सुनिश्चित करे कि अमेरिका इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व बनाए रखे।

औद्योगिक क्रांति से भी बड़ी तकनीक

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी घोषणा में एआई के बजाय विशेष रूप से सुपर इंटेलिजेंस शब्द का उपयोग किया है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि यह तकनीक आने वाले समय में इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन और इंटरनेट जैसी बड़ी क्रांतियों से भी कहीं अधिक प्रभावशाली साबित होगी। उनका मानना है कि यह फोर्स न केवल तकनीकी प्रतिस्पर्धा में अमेरिका को आगे रखेगी, बल्कि अमेरिकी हितों की रक्षा करने और नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए भी एक मजबूत ढाल का काम करेगी। सरकार का पूरा ध्यान अब इस बात पर है कि एआई के क्षेत्र में अमेरिका की तकनीकी बढ़त को कोई चुनौती न दे सके।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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